महराजगंज में 33 लाख पौधों के संरक्षण की कवायद
महराजगंज जिले में इस वर्ष व्यापक स्तर पर किए गए पौधारोपण के बाद अब प्रशासन ने पौधों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया है। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला पौधरोपण एवं गंगा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (CDO) महेंद्र कुमार सिंह ने की। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इस वर्ष जिले में रोपित किए गए करीब 33 लाख पौधों की जीवितिता सुनिश्चित करने के लिए उनकी शत-प्रतिशत जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए।
निगरानी और सुरक्षा के कड़े निर्देश
सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पौधारोपण अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनका संरक्षण कर उन्हें बड़ा करना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए कि रोपण स्थलों की नियमित निगरानी, सिंचाई और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, बड़े पौधारोपण स्थलों पर पौधों को बाहरी नुकसान से बचाने के लिए यथासंभव बाड़बंदी कराने के निर्देश भी प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा दिए गए हैं ताकि पौधों की सर्वाइवल रेट (जीवित रहने की दर) में सुधार हो सके।
ग्राम आर्द्र भूमि समितियों का होगा गठन
बैठक के दौरान जिले में आर्द्र भूमि (वेटलैंड्स) संरक्षण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीडीओ ने निर्देश दिए कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ‘ग्राम आर्द्र भूमि समिति’ का गठन किया जाए। इन समितियों का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर स्थित सरोवरों और अन्य जल स्रोतों का प्रबंधन और संरक्षण करना है। साथ ही, नगर निकायों और पंचायतीराज विभाग को जलाशयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्लास्टिक मुक्त अभियान और अन्य निर्देश
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रशासन ने ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सभी नगरीय निकायों में वृहद अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एडिसन सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता और डिप्टी सीवीओ डॉ. विनोद विश्वकर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पौधों के संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।