लगातार बारिश ने खोली दावों की पोल
महराजगंज जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद सड़कों की स्थिति बदतर हो गई है। जिले को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली अधिकांश संपर्क मार्ग अब जर्जर हालत में हैं, जहाँ सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस स्थिति के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, विशेष रूप से छात्रों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है।
विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित
जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में सड़कों की स्थिति चिंताजनक है। निचलौल क्षेत्र में निचलौल-बहुआर जंगल मार्ग, जो लगभग 10 किलोमीटर लंबा है और 20 हजार से अधिक आबादी को जोड़ता है, पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा निचलौल से कोहड़वल जाने वाली सड़क पर रोजाना करीब 12 हजार लोग सफर करते हैं, जो अब गड्ढों के कारण हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
इसी प्रकार, पनियरा क्षेत्र के चौरी-खुटहा मार्ग, घुघली क्षेत्र के भुअना-टेढ़वा मार्ग और सिसवा क्षेत्र में सोनबरसा से चोखराज तुलस्यान विद्या मंदिर के पीछे तक की करीब पांच किलोमीटर सड़क भी खस्ताहाल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरवां से मधवलिया और फरेंदा के भैया फरेंदा से लेजार महदेवा मार्ग पर भी स्थिति समान है, जिससे लाखों की आबादी के दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
क्या कहते हैं ग्रामीण और अधिकारी?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे आए दिन लोग वाहन से गिरकर घायल हो रहे हैं। लोहेपार के निवासी योगेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क की गिट्टियां उखड़ने के कारण साइकिल और बाइक से चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। सिसवां के रमेश जायसवाल ने भी स्कूल जाने वाले बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रांतीय निर्माण खंड के सहायक अभियंता कर्ण सिंह ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि जैसे ही इन कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति और बजट प्राप्त होगा, युद्धस्तर पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। फिलहाल, बारिश के कारण हो रहे जलभराव ने सड़कों की मरम्मत की प्रक्रिया को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।