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Maharajganj News: समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनेंगी तीन लाख महिलाएं

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ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की पहल

महराजगंज जिले में आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत एक वृहद अभियान को गति दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के साथ जोड़कर उन्हें स्थायी रोजगार और आय के साधन उपलब्ध कराना है। प्रशासन द्वारा निर्धारित आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल तीन लाख से अधिक महिलाओं को इस मिशन के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत अब तक करीब 90 हजार महिलाएं सफलतापूर्व समूहों से जुड़ चुकी हैं।

रोजगार के विविध आयामों से जुड़ेंगी महिलाएं

वर्ष 2011-12 से प्रदेश भर में संचालित इस मिशन का प्रभाव अब महराजगंज के सभी विकासखंडों में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। समूह से जुड़ी महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित न रहकर बैंकिंग सेवाओं, जैसे कि ‘बैंक सखी’ की भूमिका निभाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाएं सब्जी उत्पादन, स्वच्छता सामग्री (सैनिटेशन किट) निर्माण और अन्य लघु उद्यमों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए महिलाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं, ताकि वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी अपना योगदान दे सकें।

प्रशासन की कार्ययोजना और लक्ष्य

इस मिशन की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए डीसी एनआरएलएम मो. जाकिर ने बताया कि जिले के प्रत्येक विकासखंड को स्पष्ट लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन चरणबद्ध तरीके से पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। उनका कहना है, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। 90 हजार महिलाओं के जुड़ने के बाद अब शेष लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ब्लॉकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।”

स्थानीय परिवारों पर पड़ने वाला सकारात्मक असर

इस पहल से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है। जब एक महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार करती है, तो उसका सीधा असर घर की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर पड़ता है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में जैसे-जैसे अधिक महिलाएं इन समूहों से जुड़ेंगी, ग्रामीण महराजगंज में बेरोजगारी की समस्या में कमी आएगी और महिलाओं के नेतृत्व में छोटे कुटीर उद्योगों का जाल बिछेगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले दिनों में मिशन के तहत और भी नई गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि महिलाओं को तकनीकी रूप से भी दक्ष बनाया जा सके।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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