छह माह में साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी उपलब्धि
महराजगंज जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा बीते छह महीनों के भीतर 1886 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 1.53 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को फ्रीज कराया गया है। इस दौरान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ितों के बैंक खातों में 37.38 लाख रुपये की ठगी की रकम वापस कराने में सफलता प्राप्त की है।
प्रभावी कार्रवाई का विवरण
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, यह कार्रवाई 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच की गई है। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर जिले से कुल 3.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। साइबर क्राइम थाना टीम ने इन मामलों में सक्रियता दिखाते हुए न केवल धन को फ्रीज कराया, बल्कि एमआरएम पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाने का कार्य भी पूरा किया।
संगठित गिरोहों और अपराधियों पर शिकंजा
साइबर अपराध के खिलाफ चल रही इस मुहिम में संगठित गिरोहों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने अवैध सिम बॉक्स के माध्यम से अपराध करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, एटीएम हॉट-स्पॉट की जांच के दौरान ठगी के 10 अलग-अलग मामलों में 10 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही, फर्जी दस्तावेजों पर सिम जारी करने और उनके दुरुपयोग के मामलों में 17 प्राथमिकी दर्ज कर 17 लोगों को जेल भेजा गया है।
डिजिटल संसाधनों पर प्रहार और जागरूकता
अपराधियों द्वारा दोबारा साइबर अपराध को अंजाम देने से रोकने के लिए पुलिस ने तकनीकी स्तर पर भी कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 1606 मोबाइल नंबरों और 2204 मोबाइल आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक कराया है। महराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने आम जनता से अपील की है कि साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें। उन्होंने बताया कि ठगी के बाद शुरुआती समय में दी गई सूचना से ही पैसा वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है।