घटना का पूरा विवरण
महराजगंज जिले के सोहगीबरवां थाना क्षेत्र के सोहगीबरवां गांव में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित रामकृपाल दूबे ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें 18 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताकर विश्वास में लिया।
ठगों ने पीड़ित को झांसा दिया कि उनका ‘सीनियर सिटीजन कार्ड’ तैयार हो गया है, जिसे 24 अगस्त को डाक विभाग के जरिए उनके घर भेज दिया जाएगा। कार्ड प्रक्रिया को पूरा करने के नाम पर ठग ने पीड़ित से उनका आधार नंबर मांग लिया। जानकारी साझा करने के महज 11 मिनट बाद, दोपहर 12:26 बजे, रामकृपाल दूबे के मोबाइल पर बैंक खाते से 1,31,000 रुपये कटने का मैसेज आया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
खाते से बड़ी रकम कटने के बाद पीड़ित ने तुरंत सतर्कता दिखाई और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर मामले की सूचना दी। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाना महराजगंज में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक मुहम्मद रसीद खान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
मामले की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में पुलिस बैंक से संबंधित लेनदेन की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम किस खाते में ट्रांसफर की गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों के लिए सावधानी
इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक अधिकारी कभी भी फोन पर आधार नंबर, ओटीपी या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। यदि किसी को भी ऐसी कोई संदिग्ध कॉल आती है, तो तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को सूचित करें। अज्ञात कॉलर को अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें, क्योंकि यह साइबर ठगी का एक बड़ा जरिया बन गया है।