महराजगंज में नई ग्रेडिंग व्यवस्था शुरू
महराजगंज जिले के परिषदीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली और उनके प्रदर्शन का आकलन करने के लिए अब मानकों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक केवल साफ-सफाई के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग की जाती थी, लेकिन अब इसमें पर्यावरण संरक्षण और छात्रों की स्वच्छ आदतों को भी अनिवार्य रूप से जोड़ दिया गया है। ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ (SHVR) 2026-27 के तहत जिले के करीब 1500 सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों को इस नई प्रक्रिया में शामिल होना होगा।
पंजीकरण प्रक्रिया और मुख्य मानक
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार, इस रेटिंग प्रक्रिया के लिए स्कूलों को आधिकारिक एसएचवीआर (SHVR) पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इस मूल्यांकन के दौरान केवल भवन की स्वच्छता ही नहीं, बल्कि परिसर में हरित गतिविधियों, पेड़-पौधों के रखरखाव, कचरा प्रबंधन और विद्यार्थियों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता को प्रमुखता से परखा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य विद्यालयों को न केवल पढ़ाई के लिए, बल्कि एक बेहतर पर्यावरणीय परिवेश के रूप में भी विकसित करना है।
30 सितंबर तक अनिवार्य पंजीकरण
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण की प्रक्रिया एक अगस्त से शुरू हो चुकी है और इसके लिए 30 सितंबर 2026 की समय सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें। पंजीकरण के बाद, विद्यालयों का विभिन्न चरणों में ऑनलाइन मूल्यांकन और परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिसके आधार पर उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग दी जाएगी।
पुरस्कार और अनुदान का प्रावधान
इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को मिलने वाला प्रोत्साहन है। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जो विद्यालय ग्रेडिंग में बेहतर अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें न केवल प्रमाण पत्र और आधिकारिक मान्यता दी जाएगी, बल्कि उन्हें विशेष अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यालयों को अपने बुनियादी ढांचे और पर्यावरणीय गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय मदद मिलेगी। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे समय सीमा के भीतर पोर्टल पर डेटा फीडिंग का कार्य पूरा करें ताकि कोई भी विद्यालय इस सरकारी मूल्यांकन प्रक्रिया से वंचित न रहे।