वेबसाइटें बहाल होने से सीमाई व्यापार को मिली राहत
नेपाल में पिछले कई दिनों से जारी तकनीकी संकट अब धीरे-धीरे खत्म होता नजर आ रहा है। पीएचपी (PHP) प्रोग्रामिंग भाषा में पाई गई एक गंभीर सुरक्षा खामी के कारण बंद की गई एक हजार से अधिक सरकारी वेबसाइटों को बहाल कर दिया गया है। सोमवार से नेपाल के सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ बैंकिंग सेवाओं में भी काफी हद तक सामान्य कामकाज शुरू हो गया है। इस सुधार से भारत-नेपाल की सोनौली सीमा पर व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
तकनीकी खामी और बहाली की प्रक्रिया
नेपाल के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट एंड ऑपरेशंस सेंटर (SDOC) के अनुसार, सुरक्षा जोखिम को देखते हुए एहतियातन बंद की गई वेबसाइटों का ऑडिट किया गया। केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरण तिमिलसिना ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय स्तर से साझा वेब प्रणाली पर सुरक्षा पैच लगाने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय, भंसार विभाग और नेपाल राष्ट्र बैंक सहित प्रमुख संस्थानों के पोर्टल्स को सुरक्षित रूप से दोबारा सक्रिय किया गया है।
हालांकि, अभी भी पूर्ण सुधार नहीं हुआ है। इंटीग्रेटेड डेटा मैनेजमेंट सेंटर के सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक शिवा कुमार गुप्ता रौनियार के अनुसार, कुछ पोर्टल जो अलग-अलग वेंडरों द्वारा संचालित हैं, उन्हें अभी बहाल किया जा रहा है। मेडिकल एजुकेशन कमीशन की वेबसाइट और नागरिक ऐप जैसी कुछ डिजिटल सेवाओं में अभी भी तकनीकी बाधाएं बनी हुई हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जा रहा है।
सोनौली सीमा पर व्यापार और यातायात का प्रभाव
वेबसाइटें बंद होने का सबसे अधिक असर सोनौली-बेलहिया सीमा पर देखा गया था, जहाँ वाहन कंसाइनमेंट ट्रैकिंग सिस्टम (VCTS) ठप पड़ गया था। इससे मालवाहक वाहनों की आवाजाही और ऑनलाइन ट्रैकिंग पूरी तरह से प्रभावित हो गई थी। नेपाल के राजस्व जांच विभाग ने इस दौरान वैकल्पिक व्यवस्था के तहत निर्धारित बिल-बिजक के आधार पर वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी थी।
- सिस्टम बहाल होने के बाद अब ट्रांसपोर्टरों को VCTS रिकॉर्ड पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- सीमा शुल्क और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में आने वाली रुकावटें दूर होने से व्यापारियों को राहत मिलेगी।
- बैंकों में कामकाज शुरू होने से अब सीमा पार लेनदेन में भी तेजी आने की संभावना है।
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि डिजिटल सेवाओं के पूरी तरह सुचारू होने से पिछले तीन दिनों से फंसे निर्यात वाहनों की क्लीयरेंस में तेजी आएगी। भारतीय व्यवसायियों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है, क्योंकि सीमा पर माल का जमावड़ा कम हो सकेगा और व्यापारिक चक्र पुनः सामान्य गति पकड़ेगा।