नेपाल में भारतीय बिस्किट कंपनी के उत्पादों पर प्रतिबंध
महराजगंज से सटे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नेपाल में एक बड़ी भारतीय बिस्किट कंपनी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी तथा गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने रविवार को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर उक्त कंपनी के बिस्किट के आयात, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन ने बाजार में उपलब्ध इन उत्पादों के सभी बैच को तुरंत वापस मंगाने का निर्देश दिया है।
यह निर्णय विभाग के महानिदेशक संजीव कुमार कर्ण की उपस्थिति में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। विभाग का आरोप है कि इस कंपनी के बिस्किट के निर्माण में ऐसे चोकर का उपयोग किया गया है जो मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं है। स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने यह कठोर फैसला लिया है।
बाजार से स्टॉक वापस मंगाने और नष्ट करने का निर्देश
खाद्य प्रौद्योगिकी तथा गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने सभी अधिकृत आयातकों और खाद्य व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बाजार से संबंधित कंपनी के बिस्किट के स्टॉक को तुरंत वापस लें। आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, वापस मंगाए गए उत्पादों को स्थानीय प्रशासन और विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में तय प्रक्रिया का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से नष्ट किया जाना अनिवार्य है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यापारी इस प्रतिबंध का उल्लंघन कर बिस्किट की बिक्री या वितरण जारी रखता है, तो उनके खिलाफ खाद्य स्वच्छता तथा गुणवत्ता अधिनियम, 2081 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने भैरहवा कस्टम ऑफिस (भैरहवा भंसार) और अन्य संबंधित कार्यालयों से बिस्किट के आयात से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।
सीमा पर आम लोगों को हुई परेशानी
इस प्रतिबंध का असर भारत-नेपाल सीमा (सोनौली) पर स्पष्ट रूप से देखा गया। रविवार को नेपाल पुलिस ने उन लोगों को सीमा से वापस लौटा दिया जो भारतीय बाजार से उक्त ब्रांड के बिस्किट खरीदकर नेपाल ले जा रहे थे। इस कारण सीमा के रास्ते यात्रा करने वाले स्थानीय निवासियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। भैरहवा के निवासियों, जिनमें अमन थापा, केसी मगर, अभिषेक राणा, आशीष सुवेदी और दीपक धिमिरे शामिल हैं, ने बताया कि उन्हें इन बिस्किट को वापस कर अन्य विकल्प चुनने पड़े।
भारत में भी हुई थी छापेमारी
उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भी इसी कंपनी के खिलाफ हाल ही में जांच की थी। पिछले सप्ताह भारत में कंपनी के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान पशुओं के आहार (चोकर) के उपयोग का खुलासा हुआ था। साथ ही, दूध की जांच में डिटर्जेंट, कॉस्टिक सोडा और निर्धारित मानकों से कम वसा (fat) की पुष्टि हुई थी। नेपाल प्रशासन अब इसी मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने क्षेत्र में उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठा रहा है।