परीक्षा के मद्देनजर परिवहन विभाग ने कसी कमर
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए महराजगंज परिवहन विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की संभावित भीड़ और उनके आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से महराजगंज डिपो ने गोरखपुर, नौतनवा और फरेंदा रूटों पर रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
यह विशेष परिवहन सुविधा 25 अक्तूबर, 30 अक्तूबर और 1 नवंबर को प्रभावी रहेगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन तिथियों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए बसों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
रूटवार बसों की अतिरिक्त उपलब्धता
महराजगंज डिपो के एआरएम ने जानकारी दी कि 25 और 30 अक्तूबर को गोरखपुर रूट पर पांच अतिरिक्त बसों के फेरे संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही फरेंदा और नौतनवां रूट पर तीन-तीन अतिरिक्त बसें सेवा में रहेंगी। परीक्षा की तिथियों के अनुरूप, 1 नवंबर को भी इन्हीं रूटों पर बसों के अतिरिक्त फेरे निर्धारित किए गए हैं, ताकि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले छात्र समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें।
आपातकालीन रिजर्व सेवा की व्यवस्था
प्रशासन ने परीक्षा के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी है। योजना के अनुसार, परीक्षा की तीनों निर्धारित तिथियों पर डिपो बस स्टेशन पर दो रोडवेज बसों को ‘रिजर्व’ श्रेणी में रखा जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी रूट पर यात्री दबाव अधिक होता है या किसी विशेष क्षेत्र में बस सेवा की कमी महसूस होती है, तो इन आरक्षित बसों को तत्काल प्रभाव से सेवा में लगा दिया जाएगा। साथ ही, परिवहन विभाग ने सभी चालक और परिचालकों को परीक्षा के दौरान ड्यूटी के प्रति सतर्क रहने और समय से उपस्थित होने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
महराजगंज डिपो द्वारा की गई इस अतिरिक्त व्यवस्था से परीक्षा में सम्मिलित होने वाले हजारों परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और बस स्टेशन पर पर्याप्त समय लेकर पहुंचें। पीईटी के सुचारू संचालन को लेकर स्थानीय प्रशासन और रोडवेज प्रबंधन समन्वय के साथ कार्य कर रहा है ताकि परीक्षा केंद्रों तक पहुंच मार्ग पर यातायात का दबाव नियंत्रित रहे और अभ्यर्थियों को समयबद्ध परिवहन सेवा प्राप्त हो सके।