उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा की गई औचक छापेमारी में फास्ट फूड आउटलेट्स की बदतर स्थिति सामने आई है। लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों के कई लोकप्रिय भोजनालयों में मानक के विपरीत खाना परोसे जाने की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान इन आउटलेट्स में स्वच्छता का घोर अभाव पाया गया है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
छापेमारी में मिली चौंकाने वाली खामियां
अधिकारियों के नेतृत्व में की गई इस विशेष जांच अभियान में कई बड़े नामचीन फूड आउटलेट्स को घेरे में लिया गया। निरीक्षण के दौरान टीमों ने पाया कि रसोई घर में भारी गंदगी थी और चूहों की आवाजाही के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर निम्नलिखित अनियमितताएं दर्ज की गईं:
- भंडारण कक्ष में सड़ा हुआ नॉनवेज मिला, जिसे तुरंत नष्ट कराया गया।
- किचन की दीवारों और फ्रिज में फंगस लगी हुई थी, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
- भोजन पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले तेल और मसालों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी।
- कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता संबंधी गाइडलाइंस का पालन नहीं किया जा रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि कई आउटलेट्स में फ्रिज के भीतर पका हुआ और कच्चा मांस एक साथ रखा गया था, जो क्रॉस-कंटामिनेशन का बड़ा कारण बन सकता है। इसके अलावा, एक्सपायरी डेट के उत्पादों का इस्तेमाल करते हुए भी कुछ संचालक पकड़े गए हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी और कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। जिन आउटलेट्स में अत्यधिक लापरवाही पाई गई, उनके सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत इन संचालकों पर भारी जुर्माना लगाने और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों के लिए सावधानी के निर्देश
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बाहर का खाना खाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। यदि किसी फूड आउटलेट पर साफ-सफाई की कमी या संदिग्ध गुणवत्ता का अनुभव होता है, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित जिला खाद्य सुरक्षा विभाग में दर्ज कराएं। यह कार्रवाई भविष्य में अन्य भोजनालयों के लिए एक चेतावनी है ताकि वे ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करें। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा ताकि बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।