यूपी एमएलसी चुनाव: मतगणना में पल-पल बदला रोमांच, द्वितीय वरीयता के वोटों में ध्रुव त्रिपाठी ने बाजी मारी
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) की गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट पर हुए चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। लगभग 12 घंटे तक चली मैराथन मतगणना के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने जीत दर्ज की। बुधवार सुबह से शुरू हुई द्वितीय वरीयता के मतों की गणना के बाद यह परिणाम सामने आया।
जीत की घोषणा होते ही ध्रुव त्रिपाठी के समर्थकों में जश्न का माहौल बन गया। इस महत्वपूर्ण जीत के बाद ध्रुव त्रिपाठी भावुक नजर आए और उन्होंने अपने समर्थकों व मतदाताओं का आभार व्यक्त किया।
मतगणना प्रक्रिया और समाजवादी पार्टी का बहिष्कार
मतगणना के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही। बुधवार सुबह 5:45 बजे द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती शुरू की गई थी। इससे पहले, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और उनके अभिकर्ताओं ने मतगणना प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मतगणना स्थल का बहिष्कार किया और बाहर निकल गए।
हालांकि, भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के अभिकर्ता केंद्र के भीतर डटे रहे और हर दौर की गणना पर नजर बनाए रखी। मतगणना केंद्र के बाहर मौजूद समर्थकों की नजरें लगातार अपडेट्स पर टिकी रहीं, जिससे पूरे दिन गहमागहमी बनी रही।
शिक्षक मुद्दों पर ध्रुव त्रिपाठी का संकल्प
अपनी जीत सुनिश्चित होने के बाद ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की समस्याएं उनकी प्राथमिकता हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे विधान परिषद में शिक्षकों की आवाज मजबूती से उठाएंगे। पुरानी पेंशन योजना (OPS) के विषय पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार के दायरे का मामला है, लेकिन वे इसके पक्ष में अपना संघर्ष जारी रखेंगे। साथ ही, उन्होंने कड़े मुकाबले के लिए निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के प्रयासों की सराहना की।
राजीव यादव के गंभीर आरोप और आगे की कानूनी राह
दूसरी ओर, चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने परिणाम को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तीन राउंड की गिनती तक वह 376 मतों से आगे थे, लेकिन चौथे राउंड में भाजपा प्रत्याशी को अचानक बड़ी संख्या में मत मिलना साजिश का हिस्सा है।
राजीव यादव ने स्पष्ट किया है कि वे इस परिणाम को अदालत में चुनौती देंगे। उन्होंने मांग की है कि अंतिम चरण के मतपत्रों की फॉरेंसिक जांच कराई जाए और वे इस मामले को लेकर भारत निर्वाचन आयोग का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
फिलहाल, परिणाम के बाद प्रशासनिक स्तर पर स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन चुनाव के बाद प्रत्याशियों के बीच तकरार ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।