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आईएएस दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, आज से प्रशासनिक सेवा से हुईं मुक्त

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प्रशासनिक सेवा से मुक्त हुईं आईएएस दिव्या मित्तल

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब आधिकारिक तौर पर प्रशासनिक सेवाओं से मुक्त हो गई हैं। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है और इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह इस्तीफा आज, 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। दिव्या मित्तल ने गत 30 अगस्त 2026 को अपने व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए स्वेच्छा से प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र दे दिया था।

प्रशासनिक करियर और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक जैसी जिम्मेदारियां संभालीं। इसके अलावा, वह बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भी रहीं। एक जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में अपनी सेवाएं दीं। उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी में मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में भी उनका कार्यकाल उल्लेखनीय रहा।

शिक्षा और करियर का सफर

आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए करने वाली दिव्या मित्तल ने लाखों रुपये के पैकेज वाली अपनी कॉर्पोरेट नौकरी को छोड़कर देश सेवा का मार्ग चुना था। उन्होंने अपने पति गगनदीप सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की। उल्लेखनीय है कि उनके पति गगनदीप सिंह, जो कि 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) अधिकारी थे, ने भी चार साल पहले 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था।

भविष्य के अगले कदमों पर अटकलें

दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद अब उनके भविष्य के कदमों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में विभिन्न अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चाओं का बाजार इस बात को लेकर गर्म है कि क्या वह सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगी। विशेष रूप से मिर्जापुर के संदर्भ में उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। इस्तीफा देते समय उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए मिर्जापुर के लहुरिया दह की उस वृद्ध महिला को याद किया था, जिन्हें पहली बार पानी मिलने पर उन्होंने आशीर्वाद दिया था। फिलहाल, आधिकारिक रूप से उन्होंने अपने अगले कदम के बारे में कोई घोषणा नहीं की है।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

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