घटना का पूरा विवरण
देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक किशोरी अपने प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ गई और एक ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़ी। स्थानीय लोगों ने जब युवती को टावर की ऊंचाई पर देखा, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस और स्थानीय प्रशासन को दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती ने टावर पर चढ़ने के बाद शोर मचाना शुरू कर दिया कि उसे अपने प्रेमी से ही शादी करनी है। उसने इस दौरान अपना चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था, जिससे उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। मौके पर जुटी भीड़ के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और पुलिस को लोगों को वहां से हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
लार पुलिस ने मामले को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की। किशोरी को नीचे उतारने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों का उपयोग किया ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उसकी सही स्थिति की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने माइक के जरिए युवती से संवाद स्थापित करने की कोशिश की और उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए प्रोत्साहित किया।
करीब दो घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामा के बाद पुलिस किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही। नीचे आते ही युवती को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, युवती द्वारा लगाए गए आरोपों और उसके प्रेमी के संबंध में जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने अपने प्रेमी से शादी की इच्छा दोहराई है, जिसके आधार पर पुलिस अब उस युवक की तलाश कर रही है जिसका नाम किशोरी द्वारा लिया गया है।
मामले की वर्तमान स्थिति
फिलहाल किशोरी को पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा है और उसके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। थाना प्रभारी के मुताबिक, युवती की मानसिक और शारीरिक स्थिति की जांच कराई जा रही है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए टावर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसे अब हटा लिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवक की तलाश के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
स्थानीय लोगों पर असर
इस घटना के कारण लार कस्बे के मुख्य मार्ग पर काफी देर तक आवाजाही बाधित रही। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटना स्थल पर जमा हो गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि इस प्रकार की संवेदनशील स्थितियों में कानून अपने हाथ में न लें और मौके पर भीड़ न जुटाएं, ताकि प्रशासनिक कार्रवाई में कोई बाधा उत्पन्न न हो।