Sunday, 1 November 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म • निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

कुशीनगर: एसपी केशव कुमार के एक साल का कार्यकाल, सख्त पुलिसिंग की चर्चा

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

कुशीनगर पुलिसिंग का एक वर्ष: चुनौतियों और सख्त फैसलों का सफर

कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक के रूप में केशव कुमार के कार्यकाल को 20 सितंबर 2026 को एक वर्ष पूरा हो गया है। पिछले 365 दिनों में जनपद की पुलिस व्यवस्था ने कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। अपराध नियंत्रण, अपराधियों के खिलाफ धरपकड़ और नशीले पदार्थों के तस्करों पर नकेल कसने के मामले में एसपी की कार्यशैली चर्चा का विषय रही है।

बड़े ऑपरेशन और सफलताएं

बीते एक साल के दौरान कुशीनगर पुलिस ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। 31 अगस्त 2026 को तरयासुजान थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ इसकी प्रमुख मिसाल है। इसमें 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश आशु कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी बहादुरपुर चौकी पर तैनात सिपाही बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी को ट्रक से कुचलने के मामले में फरार चल रहा था। इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी थी।

इसी तरह मई 2026 में कसया क्षेत्र से एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करना जिले की बड़ी सफलता रही। इस गिरोह द्वारा नौकरी और पढ़ाई के नाम पर 453 नेपाली नागरिकों को कथित तौर पर बंधक बनाकर ठगा जा रहा था। पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया और सभी नागरिकों को सुरक्षित मुक्त कराया।

नशा मुक्ति और ध्वनि प्रदूषण पर कार्रवाई

कुशीनगर पुलिस ने पहली बार मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट का प्रयोग करते हुए निरोधात्मक कार्रवाई की है, जिसे जिले की पुलिसिंग में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही, जिले में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ भी सख्ती बरती गई। बीते ढाई महीनों में डीजे संचालन के दौरान निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले 104 से अधिक आयोजकों और संचालकों के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

अनुशासन के प्रति सख्त रवैया

एसपी केशव कुमार के कार्यकाल की एक और अहम विशेषता विभाग के भीतर अनुशासन की रही है। भ्रष्टाचार, संदिग्ध आचरण और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कठोर विभागीय कार्रवाई की गई है। शिकायतों के आधार पर पुलिसकर्मियों पर की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासनिक जवाबदेही का दायरा विभाग के अंदर भी उतना ही सख्त है जितना कि अपराधियों के लिए है। जनपद में पुलिस की छवि को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाई गई है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।