बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे शुरू
कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन ने अब फसल नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, उप जिलाधिकारी (एसडीएम) तमकुहीराज कुणाल गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। बाढ़ की मार झेल चुके किसान अब अपनी फसलों की बर्बादी का मुआवजा पाने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसके लिए राजस्व कर्मी गांव-गांव जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।
प्रशासन की निगरानी में पारदर्शी भौतिक सत्यापन
एसडीएम कुणाल गौरव ने स्पष्ट किया है कि फसल क्षति के सर्वे का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में कैंप लगा रही हैं और किसानों से उनकी फसल क्षति का विवरण एकत्र कर रही हैं। इसके बाद, लेखपाल और अन्य राजस्व अधिकारियों द्वारा खेतों में जाकर वास्तविक नुकसान का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक रूप से प्रभावित और पात्र किसान ही सरकारी सहायता प्राप्त कर सकें।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
बाढ़ के दौरान क्षेत्र के कई गांवों में धान और अन्य खरीफ की फसलें लंबे समय तक जलमग्न रहीं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस सर्वे से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। एसडीएम ने राजस्व टीमों को सर्वे प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्य में गति लाने को कहा है ताकि पात्र लाभार्थियों का डाटा समय पर तैयार हो सके।
अगली प्रक्रिया और सरकारी सहायता
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में हो रहा सर्वे फसल क्षति का प्राथमिक चरण है। भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद, पात्र किसानों की सूची तैयार कर उसे शासन के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि नियमानुसार अनुमन्य कृषि अनुदान या क्षतिपूर्ति सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचाई जा सके। प्रशासन का प्रयास है कि सत्यापन की इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि किसानों को हो रही आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में सरकार की ओर से हर संभव मदद मिल सके।