त्योहारों में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई
कुशीनगर जिले में ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों और आयोजकों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस प्रशासन की चेतावनी और बैठकों के बावजूद तय सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने पर कुल 104 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
कसया थाना क्षेत्र में सबसे अधिक मुकदमे
विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई इस कार्रवाई में कसया पुलिस ने सबसे अधिक 18 मामले दर्ज किए हैं। इसमें राजू निषाद, अभिषेक यादव, दिनेश प्रजापति, सूर्यांशु मल्ल, अशोक कुशवाहा, रामध्यान प्रसाद, हिमांशु कुमार, गिरीजेश कुमार, लल्लन गौड़, गिरीशचंद विश्वकर्मा, अब्दुल अंसारी, राजन वर्मा, आशीष, राजधानी विश्वकर्मा, मोनू, विष्णु मौर्या, अनिल कुमार, रज और प्रियांशु को नामजद किया गया है।
अन्य क्षेत्रों में पुलिस का एक्शन
जिले के अन्य थानों में भी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है:
- हाटा: 7 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें सुनील सिंह, अनितेश चौहान व अन्य शामिल हैं।
- पटहेरवा: 9 मामलों में लकी गोंड, विक्की गौड़ सहित अन्य पर कार्रवाई हुई।
- तमकुहीराज और तरयासुजान: दोनों क्षेत्रों में 7-7 मामले दर्ज किए गए।
- खड्डा और विशुनपुरा: दोनों थानों में 5-5 संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
- नेबुआ नौरंगिया: 7 मामले दर्ज किए गए, जिसमें श्रीकांत, बलेसर और अनूप चौधरी जैसे आरोपी शामिल हैं।
कानूनी धाराएं और प्रशासन का रुख
पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 223बी, 292, 293 के अलावा उत्तर प्रदेश ध्वनि नियंत्रण अधिनियम, 2000 की धारा 6(1) और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15(1) के तहत मामला पंजीकृत किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में सभी को नोटिस देकर डेसिबल सीमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी, लेकिन निर्देशों की अनदेखी करने पर अब सख्त कानूनी कदम उठाए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आने वाले आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों और आयोजकों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।