भोजपुरी अकादमी की स्थापना पर राज्यसभा में गूंजी आवाज
पूर्वांचल के सांस्कृतिक और भाषाई गौरव को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से, विश्व भोजपुरी सम्मेलन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद एवं पूर्व गृह राज्य मंत्री कुंवर आरपीएन सिंह से भेंट की। यह मुलाकात 2 दिसंबर 2025 को संसद के उच्च सदन में कुंवर आरपीएन सिंह द्वारा भोजपुरी अकादमी की स्थापना की पुरजोर मांग उठाने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। प्रतिनिधिमंडल ने इस पहल के लिए सांसद का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की प्रतिबद्धता
विश्व भोजपुरी सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की पहचान, समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत है। राज्यसभा में इस विषय को उठाकर कुंवर आरपीएन सिंह ने भोजपुरी समाज की भावनाओं को राष्ट्रीय पटल पर आवाज दी है। कुशीनगर जिलाध्यक्ष आरके भट्ट और जनपद संरक्षक अखिलेश गोयल ने भी इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि भोजपुरी भाषा को संस्थागत संरक्षण मिलना बेहद आवश्यक है।
आगामी शीतकालीन सत्र में फिर उठेगा मुद्दा
सांसद कुंवर आरपीएन सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि भोजपुरी भाषा और इसके बोलने वालों का मान-सम्मान उनके लिए प्राथमिकता का विषय है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषी जनता की भावनाओं को वे आगामी शीतकालीन सत्र में एक बार फिर सदन में मजबूती से रखेंगे। सांसद ने जोर दिया कि भोजपुरी भाषा को उसका वाजिब हक और सम्मान दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे ताकि यह मांग राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।
भोजपुरी समाज में उम्मीद की किरण
संवाद के दौरान संरक्षक अखिलेश गोयल ने कहा कि भोजपुरी अकादमी की स्थापना से लोककला, साहित्य और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को एक नई दिशा मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि सरकार द्वारा इस दिशा में सार्थक पहल की जाएगी, जिससे न केवल पूर्वांचल की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी, बल्कि देश-विदेश में बसे भोजपुरी भाषियों को अपनी भाषाई पहचान पर गर्व करने का अवसर मिलेगा। इस मुलाकात के दौरान भोजपुरी समाज के विकास के लिए अन्य आवश्यक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।