भोजपुरी अकादमी की स्थापना के लिए राज्यसभा में उठाई आवाज
कुशीनगर के पडरौना में राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व गृह राज्यमंत्री कुंवर आरपीएन सिंह को विश्व भोजपुरी सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल ने सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें राज्यसभा में पूर्वांचल के लिए भोजपुरी अकादमी की स्थापना की मांग को मजबूती से उठाने के लिए दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने उनके इस कदम की सराहना करते हुए भोजपुरी भाषा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया है।
शीतकालीन सत्र में फिर गूंजेगा भोजपुरी का मुद्दा
विश्व भोजपुरी सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष आरके भट्ट और जनपद संरक्षक अखिलेश गोयल ने कुंवर आरपीएन सिंह से मुलाकात कर आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान फिर से इस मुद्दे को प्रमुखता से सदन में उठाने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की पहचान, परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है।
कुंवर आरपीएन सिंह ने दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की मांग पर कुंवर आरपीएन सिंह ने आश्वस्त किया कि भोजपुरी भाषा और इसे बोलने वाले करोड़ों लोगों का सम्मान उनके लिए प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषियों की भावनाओं और उनकी भाषाई पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिले, इसके लिए वे आगामी संसद के शीतकालीन सत्र में फिर से अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने सदन के माध्यम से भाषा के संस्थागत संरक्षण के लिए सरकार पर दबाव बनाने की बात कही।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की उम्मीद
जनपद संरक्षक अखिलेश गोयल ने कहा कि यदि भोजपुरी अकादमी की स्थापना होती है, तो यह भोजपुरी साहित्य, लोककला और लोकसंस्कृति को नई दिशा देने का कार्य करेगी। इस पहल से न केवल भाषा को संस्थागत सुरक्षा मिलेगी, बल्कि देश-विदेश में रह रहे भोजपुरी भाषियों को अपनी भाषाई जड़ों पर और अधिक गर्व होगा। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि आरपीएन सिंह के प्रयासों से भोजपुरी भाषा को उसका खोया हुआ सम्मान और राष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी।