साइबर ठगों ने उड़ाए ₹42,500, बरवापट्टी पुलिस की तत्परता आई काम
कुशीनगर जिले के बरवापट्टी थाना क्षेत्र से साइबर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित की मेहनत की कमाई साइबर ठगों ने उड़ा ली थी। हालांकि, बरवापट्टी पुलिस की सक्रियता और साइबर हेल्प डेस्क की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित आजाद कुमार को उसके 42,500 रुपये वापस मिल गए हैं। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल पीड़ित को बड़ी आर्थिक राहत पहुंचाई है, बल्कि जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली की भी सराहना हो रही है।
त्वरित कार्रवाई और रिकवरी का विवरण
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी का शिकार हुए पीड़ित ने बरवापट्टी पुलिस से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही थाना बरवापट्टी की साइबर हेल्प डेस्क ने मामले को गंभीरता से लिया और आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। पुलिस टीम की मेहनत रंग लाई और पीड़ित की ठगी गई पूरी धनराशि 42,500 रुपये को संबंधित खाते से रिकवर कर लिया गया। इस सफलता में थाना बरवापट्टी के थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक अच्छेलाल, मुख्य आरक्षी दीपक सरोज, आरक्षी अवधनाथ यादव और मुख्य आरक्षी बलराम यादव की टीम शामिल रही।
ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए बरवापट्टी पुलिस ने आमजन के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), एटीएम पिन, यूपीआई पिन या बैंक खाते से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने विशेष रूप से चेताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने या किसी के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड करना भारी पड़ सकता है।
1930 नंबर पर करें तत्काल रिपोर्ट
पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल कदम उठाना जरूरी है। ठगी होने पर बिना किसी देरी के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करना चाहिए। इसके साथ ही, केंद्र सरकार के अधिकृत पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय पर की गई शिकायत से ही ठगी की गई धनराशि को वापस पाने की संभावना अधिक होती है।
कुशीनगर पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है कि वे ऑनलाइन नौकरी, निवेश के नाम पर लालच, इनाम के प्रलोभन और कम समय में अधिक लाभ दिलाने वाले झांसों से सावधान रहें। समय रहते की गई सतर्कता ही साइबर अपराधियों से बचने का एकमात्र सुरक्षित रास्ता है।