प्रतिभाओं को निखारने पर जोर
कुशीनगर जिले के सेवरही स्थित लोकमान्य इंटरमीडिएट कॉलेज में 32वें माध्यमिक खेलकूद एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) श्रवण गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें मंच प्रदान करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से ही छात्र जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
मार्च पास्ट और खेलकूद प्रतियोगिताओं का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ जिले की विभिन्न तहसीलों से चयनित छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए शानदार मार्च पास्ट के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। छात्रा शबनम यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जिसके बाद काजल शर्मा ने खेल मैदान में मशाल जुलूस निकालकर प्रतियोगिता का आगाज़ किया। इस दौरान विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया।
शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के आयोजक एवं कॉलेज के प्रधानाचार्य सुनील कुमार मिश्र ने जिलेभर से आए प्रधानाचार्यों, खेल शिक्षकों और सहयोगियों का स्वागत किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सभी के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र मणि त्रिपाठी, गोविंद मिश्र, अशोक कुमार और रमेश सिंह सहित कई शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि विद्यालय स्तर पर खेल गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना आज के समय की मांग है।
स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा व्यवस्था
खेलकूद समारोह के दौरान प्रतिभागियों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए एक मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया। डॉ. शुभम कुमार मिश्र और उनकी टीम ने कैंप में उपस्थित रहकर खिलाड़ियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं और आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण किया। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. उमेश चंद्र शाही ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
खेलों का महत्व और भविष्य
प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें सही प्रशिक्षण और उचित अवसर उपलब्ध कराने की है। समारोह के माध्यम से जिले के विभिन्न स्कूलों के छात्रों को एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करने और सीखने का एक बड़ा अवसर मिला।