पडरौना के हनुमान इंटर कॉलेज में यूथ क्लब की पहली बैठक
कुशीनगर जिले के पडरौना स्थित हनुमान इंटर कॉलेज में मंगलवार को नवगठित ‘यूथ क्लब’ की पहली बैठक आयोजित की गई। इस अनूठे कार्यक्रम में लंदन में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही पडरौना की बेटी रागिनी राजलक्ष्मी सिंह मुख्य रूप से शामिल हुईं। उन्होंने विद्यालय के ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों, जिन्हें ‘जेन-जी’ पीढ़ी माना जाता है, के साथ अपने विचार साझा किए।
मौलिक विचारों का आदान-प्रदान और जेन-जी की समस्याएं
वर्तमान समय में युवा पीढ़ी यानी ‘जेन-जी’ अक्सर यह महसूस करती है कि उनकी भावनाओं और विचारों को समाज में उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है। छात्रों की इसी मानसिक स्थिति और उनके करियर की चिंताओं को समझते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने यूथ क्लब के गठन को हरी झंडी दी थी। बच्चों ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए स्वयं इस क्लब का गठन किया और इसके माध्यम से संवाद की शुरुआत की।
लंदन में शिक्षा ग्रहण कर रही रागिनी राजलक्ष्मी सिंह ने पडरौना के इन छात्रों के साथ जुड़ने की इच्छा जताई थी। मंगलवार को अपराह्न दो बजे विद्यालय परिसर में लगभग 50 छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचीं सुश्री रागिनी ने अपनी बात रखी। खास बात यह रही कि अंग्रेजी भाषा में निपुण होने के बावजूद उन्होंने छात्रों से संवाद के लिए सरल और देशज हिंदी भाषा का चयन किया, जिससे बच्चे पूरी तरह से जुड़ सके।
करियर निर्माण और संवाद का असर
इस सत्र के दौरान छात्रों ने न केवल अपने मन की उलझनें साझा कीं, बल्कि करियर निर्माण और जीवन के लक्ष्यों को लेकर मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। सुश्री रागिनी ने छात्रों को एकाग्रचित्त रहने और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के गुर सिखाए। उन्होंने छात्रों को टिप्स दिए कि कैसे वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं और कैसे अपनी बात को प्रभावी तरीके से रख सकते हैं।
यूथ क्लब के सदस्यों की प्रतिक्रिया
बैठक में शामिल यूथ क्लब के सदस्यों जैसे अक्षरा सोनी, आलिया, श्रेया, सोनम, अभिजीत, शौर्य सिंह और शुभम गिरी ने इस अनुभव को प्रेरणादायक बताया। छात्रों का कहना था कि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि विदेश में पढ़ने वाली कोई युवा छात्रा उनके जैसी ही सोच रखती है। इस ग्रुप डिस्कशन ने बच्चों में नया आत्मविश्वास भरा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने बच्चों के इस उत्साह की सराहना की और भविष्य में ऐसे ही ज्ञानवर्धक सत्रों के आयोजन का आश्वासन दिया।