घटना का पूरा विवरण
गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें एक अधिवक्ता की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। मौसम में अचानक आए बदलाव के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से घाट परिसर में स्थित एक गुंबदनुमा चबूतरे का स्लैब भरभराकर गिर गया। हादसे के समय वहां बैठे दो अधिवक्ता मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शक्ति नगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह और राप्ती नगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना अपने साथी की माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घाट पर आए थे। उपचार के दौरान गंभीर रूप से घायल आलोक अस्थाना ने दम तोड़ दिया, जबकि संजय सिंह को बेहतर चिकित्सा के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने अब इस हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। विशेष रूप से वर्ष 2021 में करीब 27.85 करोड़ रुपये की लागत से हुए घाट के सुंदरीकरण कार्य की गुणवत्ता और वर्तमान में संरचना की स्थिति की तकनीकी जांच कराई जा रही है।
इसके साथ ही, हादसे के बाद एंबुलेंस के पहुंचने में हुई कथित देरी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा
अधिवक्ता की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में साथी अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
घाट परिसर में मौजूद अन्य गुंबदनुमा संरचनाओं की मजबूती की जांच भी की जा रही है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम और आकाशीय बिजली की स्थिति में असुरक्षित संरचनाओं से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। मामले की अगली कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।