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गोरखपुर: 9 साल के बच्चे में मिला बॉर्डर लाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर

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घटना का विवरण

गोरखपुर के सिविल लाइन्स इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कक्षा 4 में पढ़ने वाले एक 9 वर्षीय छात्र में ‘बॉर्डर लाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर’ (BPD) की पुष्टि हुई है। बच्चे की मां के अनुसार, उनका बेटा अपनी 7 साल की छोटी बहन के साथ अश्लील हरकतें करते हुए पकड़ा गया था। इस घटना के बाद परिजनों ने उसे मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए शाहपुर स्थित एक क्लिनिक में भर्ती कराया है।

स्कूल से निष्कासन और मोबाइल की लत

बच्चे के व्यवहार में आए बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए उसकी मां ने बताया कि पिछले छह महीनों से बच्चे का व्यवहार असामान्य हो गया था। वह लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था और मोबाइल न मिलने पर हिंसक या चिड़चिड़ा हो जाता था। करीब दो महीने पहले, बच्चे के स्कूल प्रशासन ने उसे तत्काल प्रभाव से स्कूल से निकाल दिया था। स्कूल प्रबंधन की जांच में उसके पास से एक शिक्षिका की आपत्तिजनक तस्वीरें और ड्राइंग्स बरामद हुई थीं। साथ ही, सहपाठियों ने भी शिकायत की थी कि बच्चा अन्य छात्रों के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग करता है।

क्या है बॉर्डर लाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर (BPD)?

मनोचिकित्सकों के अनुसार, बॉर्डर लाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर (BPD) एक गंभीर मानसिक स्थिति है जो व्यक्ति के व्यवहार और भावनात्मक स्थिरता को प्रभावित करती है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • लगातार मूड स्विंग्स होना और भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाना।
  • रिश्तों में अत्यधिक असुरक्षा की भावना और अस्वीकार किए जाने का डर।
  • अचानक अत्यधिक क्रोध या अवसाद का अनुभव करना।
  • अपनी आत्म-छवि (self-image) को लेकर भ्रमित रहना।

वर्तमान स्थिति और परामर्श

बच्चे का अब शाहपुर में विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर पहचान और उचित व्यवहार थेरेपी से स्थिति में सुधार संभव है। यह घटना डिजिटल युग में बच्चों की बढ़ती स्क्रीन टाइम और मोबाइल की लत के प्रति माता-पिता के लिए एक चेतावनी की तरह है। मनोवैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार पर निगरानी रखना और उनकी मानसिक स्थिति में आने वाले छोटे बदलावों को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी है।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

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