नेपाल के गोरखा जिले में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की स्थिति
नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी की सहायक स्यार नदी में हुए भीषण भूस्खलन के कारण अचानक फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भूस्खलन के कारण नदी के प्राकृतिक बहाव में अवरोध पैदा हुआ था, जिसके अचानक टूटने से जलस्तर तेजी से बढ़ा। महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने रविवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस घटना की विस्तृत जानकारी दी और जिले की सुरक्षा स्थिति पर स्पष्टीकरण दिया।
प्रशासन का स्पष्ट बयान: महराजगंज पर सीधा असर नहीं
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह प्राकृतिक आपदा महराजगंज जिले से लगभग 150 से 180 किलोमीटर उत्तर में नेपाल के सुदूर हिमालयी क्षेत्रों में हुई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस बाढ़ का महराजगंज की सीमा या जिले के निवासियों पर कोई सीधा और हानिकारक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। फिलहाल जनपद में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह के खतरे की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी और जल प्रवाह की दिशा को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राथमिक तौर पर स्थिति को नियंत्रण में पाया है।
एहतियाती कदम और निगरानी व्यवस्था
बावजूद इसके कि सीधा खतरा नहीं है, जिला प्रशासन किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने निम्नलिखित एहतियाती कदम उठाए हैं:
- वाल्मीकिनगर बैराज के जलस्तर और प्रवाह की निरंतर निगरानी की जा रही है।
- सभी संबंधित विभागों और फील्ड अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है ताकि किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल मिल सके।
- संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी गई हैं।
जनता से अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें
जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचनाओं या सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा या आपातकालीन स्थिति से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाएगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल विश्वसनीय सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन हर संभावित परिस्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर उचित कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।