घटना का पूरा विवरण
महराजगंज जिले के ठूठीबारी थाना क्षेत्र अंतर्गत किशुनपुर टोला सोफड़ा में स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी के साथ हुई मारपीट, लूट और धमकी के मामले में स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मामले में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित पुजारी रामचंदर दास ने अपनी शिकायत में बताया कि विवाद मंदिर की जमीन पर लगाए गए यूकेलिप्टस के पौधों को लेकर शुरू हुआ। पुजारी के अनुसार, 4 जुलाई की सुबह दर्शन और महेंद्र नामक व्यक्तियों ने पौधों को नुकसान पहुँचाया। जब पुजारी ने इस कृत्य का विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज दी और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान वहां मौजूद सोमनाथ और भेड़ा नामक व्यक्तियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया था।
लूट और मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने 5 जुलाई की रात करीब 11 बजे फिर से मंदिर में आकर हंगामा किया। पुजारी का कहना है कि दर्शन, महेंद्र, राजेंद्र और किशुन ने उनके साथ लात-मुक्कों से मारपीट की और उनकी दाढ़ी पकड़कर खींचते हुए मंदिर परिसर खाली करने का दबाव बनाया।
आरोपियों ने कथित तौर पर मंदिर की पीतल की बाल्टी, भगवान को भोग लगाने की थाली और पुजारी का झोला छीन लिया। पुजारी ने बताया कि उस झोले में महत्वपूर्ण दस्तावेज और 800 रुपये नकद रखे थे। इसके अलावा, आरोपियों द्वारा कपड़े फाड़ने और मोबाइल पटककर तोड़ने से करीब चार हजार रुपये का अतिरिक्त नुकसान होने का दावा किया गया है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुजारी ने आरोप लगाया था कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने ठूठीबारी थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन समय रहते पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अंततः न्याय के लिए उन्होंने न्यायालय का रुख किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर ठूठीबारी पुलिस ने संज्ञान लेते हुए दर्शन, महेंद्र, राजेंद्र और किशुन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। ठूठीबारी थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के तथ्यों की पुष्टि के लिए साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। वर्तमान में पुलिस द्वारा मामले के सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है।