अधिवक्ता संरक्षण कानून की मांग और कार्य बहिष्कार का निर्णय
महाराजगंज जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन की आमसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब हर शनिवार अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट यानी अधिवक्ता संरक्षण कानून को तत्काल प्रभाव से लागू कराना है।
बैठक की अध्यक्षता प्रभारी अध्यक्ष अरविंद निषाद और संचालन महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी द्वारा किया गया। वकीलों का कहना है कि वर्तमान में न्यायिक कार्यों के दौरान वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। मुकदमों की पैरवी के दौरान अक्सर वकीलों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं और उन्हें साजिश के तहत फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
आमसभा के बाद, अधिवक्ताओं ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला जज अरविंद मलिक को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से वकीलों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका शनिवार का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ताओं का मुख्य जोर इस बात पर है कि कानूनी पेशा सुरक्षित होना चाहिए ताकि वे बिना किसी भय के अपने मुवक्किलों के हितों की रक्षा कर सकें।
न्यायिक प्रक्रिया और मुवक्किलों के हितों पर चर्चा
बैठक के दौरान महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी ने जोर देते हुए कहा कि न्यायिक स्वतंत्रता बाधित होने का सीधा असर वादी और प्रतिवादी यानी मुवक्किलों पर पड़ता है। उन्होंने चिंता जताई कि अगर मुकदमों के ट्रायल दूसरे जनपदों में स्थानांतरित किए जाते हैं, तो इससे आम फरियादियों को काफी कठिनाई होगी और न्याय में अनावश्यक देरी होगी। पूर्व महामंत्री धर्मेंद्र त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं की एकता पर बल देते हुए इसे एक निर्णायक संघर्ष की शुरुआत बताया।
इस सभा में शंभू शरण पांडेय, नरेंद्र श्रीवास्तव, हमीदुल्लाह खान, जितेंद्र सिंह, इंद्रासन सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, अनूप सिंह, वकील प्रजापति, वशिष्ठ मिश्रा, हरेंद्र मिश्रा, कैलाश अग्निहोत्री, दयासागर चौधरी, अभिजीत सिंह, गुड्डू कनौजिया, प्रमोद श्रीवास्तव और रमेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से अधिवक्ता सुरक्षा कानून के लिए सार्थक पहल करने की मांग की है।
फिलहाल, शनिवार के दिन न्यायिक कार्य बंद रखने के इस निर्णय से जिला न्यायालय में आने वाले फरियादियों को अपने कार्यों के लिए अन्य दिनों की योजना बनानी होगी। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सुरक्षा और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान नहीं होता, यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।