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महाराजगंज: घरेलू कलह सुलझाने में प्रशासन सक्रिय, 6 माह में 267 दंपतियों में सुलह

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महाराजगंज में घरेलू कलह और समाधान की स्थिति

महाराजगंज जिले में पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवाद और घरेलू हिंसा की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। छोटी-छोटी बातों से शुरू हुए मतभेद अब अक्सर महिला थाना और सखी वन स्टॉप सेंटर तक पहुंच रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से अब तक जिले में कुल 267 दंपतियों के बीच सुलह-समझौता कराया गया है। इनमें महिला थाने में 204 मामले और सखी वन स्टॉप सेंटर में 63 घरेलू हिंसा के मामले शामिल हैं।

विवाद के मुख्य कारण और प्रशासन की भूमिका

अधिकारियों के अनुसार, इन विवादों के पीछे शराब की लत, आर्थिक तंगी, पति का लंबे समय तक बाहर रहना, आपसी संवाद की कमी और अवैध संबंधों के आरोप प्रमुख कारण बनकर उभर रहे हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक ऋचा मिश्रा ने बताया कि इंडो-नेपाल सीमा और आसपास के वन क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद दोनों पक्षों को परामर्श के लिए बुलाया जाता है और प्रयास किया जाता है कि पारिवारिक रिश्तों को बचाया जा सके। हालांकि, गंभीर मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन भी किया जा रहा है।

मामलों का वर्गीकरण और परामर्श का प्रभाव

प्रशासनिक स्तर पर निपटाए गए मामलों में दो प्रमुख उदाहरण सामने आए हैं:

  • नौतनवा क्षेत्र का मामला: एक महिला ने पति पर शराब के नशे में मारपीट करने का आरोप लगाया था। काउंसलिंग के बाद दंपती ने साथ रहने की सहमति दी है।
  • कोठीभार का मामला: संयुक्त बैंक खाते से 16 हजार रुपये निकालने और उसे शराब में खर्च करने के विवाद को भी केंद्र के हस्तक्षेप से सुलझा लिया गया।

विशेषज्ञों की राय और सलाह

महिला थाना प्रभारी सरोजनी वर्मा का मानना है कि आपसी संवाद की कमी और शिक्षा का अभाव रिश्तों में दूरियां बढ़ाता है। समाजशास्त्री डॉ. पूनम वर्मा और मनोवैज्ञानिक गुलाब चंद्र ने इसे ‘अहंकार’ और ‘आर्थिक दबाव’ का परिणाम बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर क्रोध करने के बजाय एक-दूसरे की भावनाओं और सम्मान को समझना रिश्तों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से जागरूक होने और अपने अधिकारों को जानने पर भी जोर दिया है।

वर्तमान में, प्रशासन इन मामलों की निगरानी कर रहा है ताकि सुलह के बाद भी दंपतियों के बीच भविष्य में विवाद न हो और परिवार सुरक्षित रहे।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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