महाराजगंज कलक्ट्रेट परिसर में जनहित किसान पार्टी का धरना जारी
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में किसानों और स्थानीय निवासियों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर जनहित किसान पार्टी का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर दास कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुखर रुख अपनाते हुए प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया है।
गन्ना मूल्य भुगतान और बंद मिलों का मुद्दा प्रमुख
धरने के दौरान मुख्य रूप से गड़ौरा चीनी मिल पर लंबित पड़े किसानों के गन्ना मूल्य के बकाए का मुद्दा उठाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर दास ने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण वे भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। साथ ही, बंद पड़ी घुघली चीनी मिल का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि या तो घुघली चीनी मिल को तत्काल प्रभाव से दोबारा संचालित किया जाए अथवा उसी स्थान पर एक आधुनिक चीनी मिल की स्थापना की जाए ताकि क्षेत्र के किसानों को अपना गन्ना दूर की मिलों तक न ले जाना पड़े।
प्रमुख मांगें और आगामी रणनीति
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी प्रेषित किया। प्रदर्शन में उठाई गई अन्य प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- जिले में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।
- उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों का विस्तार करना।
- भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश, पार्किंग और बेहतर यातायात सुविधाओं का विकास।
- सिंचाई नहरों की समय पर सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण।
स्थानीय प्रशासन पर दबाव
धरने के दूसरे दिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें नवल कुमार, सुमित चौरसिया, विंद्रेश चौरसिया, सुमन नागवंशी, धर्मराज वर्मा, प्रदुम वर्मा बब्लू, अरुण वर्मा, महेश वर्मा, धर्मेंद्र गौतम और जमात अली सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे। पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर शासन और प्रशासन स्तर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। वर्तमान में कलक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य बनी हुई है और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है।