दुदही-बरवापट्टी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 23 करोड़ मंजूर
महाराजगंज जिले के निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जर्जर और संकरी स्थिति में मौजूद दुदही-बरवापट्टी सड़क के कायाकल्प के लिए शासन ने 23 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के हजारों लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
सड़क की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
वर्तमान में, दुदही से बरवापट्टी तक की लगभग नौ किलोमीटर लंबी सड़क की चौड़ाई केवल 3.5 मीटर है। सड़क की खस्ताहाली और कम चौड़ाई के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर बने गहरे गड्ढों में मामूली बारिश के दौरान पानी भर जाता है, जिससे आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं।
विशेष रूप से व्यस्त बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण वाहनों के आमने-सामने आने पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। पैदल चलने वाले लोगों और साइकिल सवारों के लिए भी सड़क के किनारे पर्याप्त जगह नहीं बची थी, जिसके चलते चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
परियोजना और प्रशासनिक कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (एई) राहुल सोनी ने इस विकास कार्य की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सड़क को 3.5 मीटर से बढ़ाकर पांच मीटर चौड़ा किया जाएगा। विभाग ने इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, और उम्मीद है कि जल्द ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
ग्रामीणों का यह भी सुझाव है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही, जल निकासी (ड्रेनेज) की समुचित व्यवस्था की मांग की गई है ताकि बारिश के मौसम में सड़क किनारे जलभराव की समस्या न हो। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क चौड़ी होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
50 से अधिक गांवों को सीधा लाभ
इस सड़क के चौड़ीकरण से सरगटी, घुरपट्टी, बैरीया, खैरवा, जमुआन, मिश्रौली, हिरासोती, उलटहवा, भुइधरवा, शेखपटी, दशहवा, चकदहवा, अमवा दिगर, अमवा खाश, नन्दपुर, पिपराही, विचपटवा, धोकरहा, जमुनिया, रामपुर पट्टी, खानगी लिलहट, गोबरहा, बरवापट्टी, पिपरा टोला, कोदई टोला, बिनटोली, बांसगांव, बैयराटोला, तिलगवा पट्टी, जटवलीया, कोड़रा, खरसाल, पडरौना मडुरही, नैनहा, बड़हरा बुजुर्ग के साथ-साथ बिहार प्रांत के लक्ष्मीपुर, कैवाखोर, धुमनगर और रामनगर के ग्रामीणों को सुविधा होगी।