घटना का पूरा विवरण
महाराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र स्थित पैक्स लिमिटेड बढ़या के प्रभारी सचिव जितेंद्र कुमार मिश्रा के खिलाफ स्थानीय संचालक मंडल ने मोर्चा खोल दिया है। सचिव को पद से हटाने की मांग को लेकर बुधवार को समिति कार्यालय में एक आधिकारिक जांच प्रक्रिया संपन्न हुई। सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) घुघली, कमलेश कुमार शाही और जिला सहकारी संचालन मंडल के सदस्य रवि श्रीवास्तव की मौजूदगी में यह जांच की गई। इस दौरान समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने अपने औपचारिक बयान दर्ज कराए।
समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र राजभर और उपस्थित सदस्यों ने जांच अधिकारियों के समक्ष प्रभारी सचिव जितेंद्र कुमार मिश्रा के कार्य व्यवहार पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। सदस्यों का मुख्य आरोप है कि सचिव बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश की स्वीकृति लिए अक्सर समिति से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से उन्हें हटाने और किसी अन्य सक्षम सचिव को प्रभार सौंपने की मांग की है।
जांच प्रक्रिया और सचिव की अनुपस्थिति
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि प्रभारी सचिव जितेंद्र कुमार मिश्रा कार्यालय में मौजूद नहीं थे। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सचिव को जांच की पूर्व जानकारी होने के बावजूद उनका कार्यालय न पहुंचना उनकी लापरवाही को दर्शाता है। जांच अधिकारियों के समक्ष अध्यक्ष सुरेंद्र राजभर के अलावा संचालक मंडल की सदस्य कुंती देवी, चूल्हिया देवी, बांके सिंह और बिशुनी ने भी अपनी बात रखी और सचिव को हटाने की मांग का समर्थन किया।
मामले की वर्तमान स्थिति और कार्रवाई
जांच अधिकारी कमलेश कुमार शाही ने बताया कि संचालक मंडल के सभी सदस्यों के लिखित और मौखिक बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जिला स्तर पर उच्चाधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा। वर्तमान में प्रशासन की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और आगे की कार्रवाई पूरी तरह से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
स्थानीय कामकाज पर असर
पैक्स समिति के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को खाद, बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। सचिव के नियमित रूप से अनुपस्थित रहने के आरोपों के कारण समिति का प्रशासनिक कार्य काफी समय से प्रभावित हो रहा है। स्थानीय किसानों और मंडल के सदस्यों का कहना है कि यदि सचिव की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ या उन्हें प्रतिस्थापित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में रबी सीजन की तैयारी और अन्य सरकारी कार्यों में और अधिक बाधाएं आ सकती हैं।