नौतनवा तहसील में आयोजित हुई जनप्रतिनिधियों की बैठक
महाराजगंज जिले के नौतनवा तहसील सभागार में सोमवार को मतदाता सूची को अद्यतन करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। उपजिलाधिकारी (SDM) कुणाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय प्रतिनिधि और जिम्मेदार पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी निर्वाचन प्रक्रिया के दृष्टिगत मतदाता सूची की खामियों को दूर करना और नए योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना था।
युवा मतदाताओं को जोड़ने पर विशेष जोर
बैठक को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी कुणाल और तहसीलदार कर्ण सिंह ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। अधिकारियों ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एक सघन अभियान चलाएं। इस अभियान के तहत विशेष रूप से युवा मतदाताओं, जो हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, और ऐसे अन्य पात्र नागरिक जिनका नाम अब तक सूची में नहीं है, उन्हें जोड़ने के लिए जागरूक किया जाए।
प्रशासन की अपील और भागीदारी
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए शत-प्रतिशत मतदाता पंजीकरण आवश्यक है। तहसीलदार कर्ण सिंह ने बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ समन्वय स्थापित करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान सूची से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतना प्रशासन का लक्ष्य है, जिसमें जनप्रतिनिधियों का सहयोग अनिवार्य है।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा क्षेत्र के अनेक प्रमुख राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में शामिल होने वालों में हरिशंकर जायसवाल, बच्चू लाल चौरसिया, विक्रम यादव, सदामोहन उपाध्याय, बैजू यादव, आयुष चौधरी, राजू दुबे, भीमचंद गौतम, संजय पांडेय, संजय कन्नौजिया और अजय चौरसिया आदि प्रमुख थे। बैठक के दौरान निर्वाचन संबंधी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया।
स्थानीय स्तर पर जागरूकता का महत्व
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल सरकारी प्रयासों से शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए सामाजिक सहभागिता आवश्यक है। राजनीतिक प्रतिनिधियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के निवासियों को मतदाता पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी प्रदान करें। आगामी दिनों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर और भी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकता है।