महराजगंज में पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा
महराजगंज जिले में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान योजना के तहत बैंक ऋण वितरण, सोलर संयंत्रों के इंस्टॉलेशन, विद्युत निरीक्षण और पोर्टल पर डेटा अपलोड की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।
लक्ष्य से आगे निकला जिला, फिर भी चुनौतियां बरकरार
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महराजगंज को 3,604 सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल से अगस्त तक 1,500 के मासिक लक्ष्य के विरुद्ध 1,832 इंस्टॉलेशन पूरे किए गए। 15 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 4,037 इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं, जो कि 3,755 के निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया है, लेकिन साथ ही प्रशासनिक स्तर पर लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश भी दिए हैं।
लंबित ऋण और तकनीकी कार्यों पर प्रशासन सख्त
बैठक में यह जानकारी सामने आई कि जिले में अभी भी बैंक ऋण से संबंधित 758 प्रकरण लंबित हैं। इनमें 572 आवेदन पूर्णता की श्रेणी में हैं, जबकि 186 प्रकरण अभी भी स्वीकृति के लिए बैंकों के पास लंबित पड़े हैं। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मार्जिन मनी और अन्य अनिवार्य औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें ताकि लाभार्थियों को ऋण समय पर मिल सके।
इसके अलावा, तकनीकी स्तर पर भी काम में तेजी लाने की आवश्यकता जताई गई है। वर्तमान में विद्युत विभाग के पास 89 सोलर संयंत्रों का निरीक्षण लंबित है, जिसमें महराजगंज खंड के 41, नौतनवा के 24, निचलौल के 21 और आनंदनगर के 3 प्रकरण शामिल हैं। साथ ही, अधिकृत वेंडरों द्वारा पोर्टल पर 336 इंस्टॉलेशन का विवरण अपलोड नहीं किया गया है।
अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग, बैंक प्रतिनिधियों और वेंडरों को आपसी समन्वय बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को नेट मीटरिंग और अन्य सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना चाहिए। लंबित निरीक्षणों और पोर्टल अपडेट के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को समयसीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों को बिना किसी देरी के योजना का पूर्ण लाभ सुनिश्चित करना है।