ज्ञापन के माध्यम से लंबित मांगों पर कार्रवाई की मांग
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की गोरखपुर स्थित तहसील सदर इकाई ने शनिवार को अपनी विभिन्न लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष अनिल राय के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों ने शासन एवं राजस्व परिषद स्तर पर लंबे समय से लंबित मांगों पर तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो लेखपाल 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों के कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
स्थानांतरण और पदोन्नति सहित प्रमुख मांगें
ज्ञापन में संघ ने कहा कि राजस्व प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले लेखपालों को पदोन्नति में देरी, वेतन विसंगति और बढ़ते कार्यभार जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। संघ की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- अंतर्मंडलीय स्थानांतरण: वर्ष 2025 में पोर्टल पर आवेदन करने वाले हजारों लेखपालों का स्थानांतरण प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। वर्तमान में करीब 2700 लेखपाल अपने गृह मंडल से सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्यरत हैं।
- पदोन्नति सूची: विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही 29 अप्रैल 2026 को पूर्ण होने के बावजूद चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची अभी तक जारी नहीं की गई है।
- प्रशिक्षण परिणाम: नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा के परिणाम और प्रमाणपत्र जल्द उपलब्ध कराए जाएं।
भत्तों में वृद्धि और कार्य की चुनौतियां
लेखपाल संघ ने महंगाई को देखते हुए स्टेशनरी, वाहन और विशेष भत्तों में बढ़ोतरी की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, वर्तमान में मिलने वाले भत्ते काफी समय से अपरिवर्तित हैं, जबकि क्षेत्रीय भ्रमण का खर्च लगातार बढ़ रहा है। संघ ने मांग की है कि स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
ग्राम सचिवालय रोस्टर पर आपत्ति
संघ ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों का रोस्टर अनिवार्य करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। अनिल राय ने स्पष्ट किया कि अधिकांश ग्राम सचिवालयों में इंटरनेट, कंप्यूटर, सुरक्षित अभिलेख रखने की जगह और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं अनुपलब्ध हैं। लेखपालों के पास एक से अधिक ग्राम होने के कारण एक ही स्थान पर बैठकर कार्य करना व्यावहारिक नहीं है। इसके अतिरिक्त, संघ ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
आंदोलन की अगली रणनीति
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर से सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो 22 सितंबर 2026 से लेखपाल अपने आवंटित अतिरिक्त हल्कों का कार्य नहीं करेंगे। सभी लेखपाल अतिरिक्त हल्कों के बस्ते संबंधित तहसील कार्यालयों में जमा कर देंगे। ज्ञापन सौंपते समय तहसील मंत्री रत्नेश सिंह, कोषाध्यक्ष दिलीप सिंह और ऑडिटर राम कुमार गुप्ता सहित कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशासन ने ज्ञापन को प्राप्त करते हुए इसे उच्च अधिकारियों तक प्रेषित करने का आश्वासन दिया है।