सोनौली में कीमती सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश नाकाम
महराजगंज जिले के भारत-नेपाल सीमा से सटे नगर पंचायत सोनौली में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। रामजानकी मंदिर के निकट स्थित इस जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से पिलर खड़े कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। मामला संज्ञान में आते ही तहसील प्रशासन और नगर पंचायत की टीम ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी जमीन
अधिकारियों के अनुसार, जिस भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया, वह सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में ‘पोखरे’ (जलाशय) के रूप में दर्ज है। यह जमीन रकबा नंबर 23 के अंतर्गत आती है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 33 डिस्मिल है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस बेशकीमती जमीन के सौदे को लेकर करीब एक करोड़ रुपये की बातचीत होने की बात भी सामने आई है। इस क्षेत्र में भू-माफियाओं की सक्रियता को देखते हुए प्रशासन अब सतर्क हो गया है।
प्रशासन की कार्रवाई और आगे की रणनीति
सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार सदेव पटेल और नगर पंचायत सोनौली के अधिशासी अधिकारी ने भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासन ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर वहां खड़े किए गए पिलरों को उखाड़ फेंका और अवैध रूप से डाली गई मिट्टी को साफ करवाया। नायब तहसीलदार सदेव पटेल ने स्पष्ट किया कि पोखरे की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय लोगों पर असर और नाले का अतिक्रमण
इस कार्रवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि उक्त पोखरे के पास स्थित एक बड़े नाले पर भी कुछ लोगों ने पहले से ही निर्माण कर रखा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल निकासी के लिए बने इन नालों और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से भविष्य में जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन ने इन अन्य अतिक्रमणों को चिन्हित कर लिया है और नगर पंचायत को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सार्वजनिक भूमि पर इस तरह के किसी भी अनधिकृत निर्माण पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।