महराजगंज कलेक्ट्रेट पर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
महराजगंज जिले में मंगलवार को उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और सरकार से तत्काल राहत की मांग की। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र संगठन के पदाधिकारियों पर दर्ज की गई कानूनी कार्यवाही को वापस लेना था।
प्राथमिकी निरस्त करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान संगठन की अध्यक्ष संगीता ने आरोप लगाया कि संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ फर्जी प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि 24 अक्तूबर को लखनऊ के आलमबाग थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी पूरी तरह से निराधार है। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस घटना की सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्राथमिकी को अविलंब निरस्त किया जाए।
संगीत ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 23 अक्तूबर को लखनऊ में मिशन निदेशक और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ आशा कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल की एक सकारात्मक वार्ता हुई थी। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, इसके बावजूद उसी शाम प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही समेत लगभग 30 आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया।
मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के उपरांत आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- पदाधिकारियों पर दर्ज प्राथमिकी को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
- सात फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता में तय 13 सूत्री मांगों को लागू किया जाए।
- कार्यकर्ताओं के प्रति प्रशासन के रवैये की निष्पक्ष जांच की जाए।
प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधि
इस प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भागीदारी सुनिश्चित की। विरोध स्थल पर प्रमुख रूप से कुसमावती, मीरा देवी, उषा, मनोरमा, शकुंतला, लक्ष्मी, माधुरी, संगीता और संध्या समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की ओर से अभी तक प्राथमिकी को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। जिला प्रशासन अब इस ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक प्रेषित करने की प्रक्रिया में है।