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गोरखपुर: भानु प्रताप सिंह बने गंडक सिंचाई विभाग के नए मुख्य अभियंता

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सिंचाई विभाग में शीर्ष प्रशासनिक फेरबदल

उत्तर प्रदेश शासन के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए शनिवार को प्रदेश के तीन मुख्य अभियंताओं की नई तैनाती का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल के तहत भानु प्रताप सिंह को गोरखपुर स्थित गंडक क्षेत्र का नया मुख्य अभियंता नियुक्त किया गया है। सिंचाई प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में यह एक प्रमुख पद माना जाता है।

भानु प्रताप सिंह का विभागीय अनुभव पूर्वांचल की भौगोलिक परिस्थितियों को समझने में काफी सहायक साबित हो सकता है। इससे पहले वे कुशीनगर बाढ़ खंड में अधिशासी अभियंता के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहाँ उन्होंने बाढ़ सुरक्षा और तटबंधों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें बालिया सर्किल में अधीक्षण अभियंता के रूप में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ।

बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था पर फोकस

गोरखपुर में मुख्य अभियंता (गंडक) का पद पूर्वांचल की दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारियों भरा है। इस क्षेत्र में मानसून के दौरान गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। भानु प्रताप सिंह के सामने गंडक क्षेत्र में न केवल बाढ़ नियंत्रण के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की चुनौती होगी, बल्कि नहरों की सफाई और सिंचाई जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उनके प्रमुख कार्यों में शामिल होगा।

विभाग में तैनात किए गए तीन मुख्य अभियंता

शासन के आदेश के अनुसार, विभाग में तीन वरिष्ठ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जिसकी सूची निम्न प्रकार है:

  • भानु प्रताप सिंह: मुख्य अभियंता (गंडक), गोरखपुर।
  • संदीप कुमार खरे: मुख्य अभियंता (कार्मिक-4/6), लखनऊ।
  • अजय कुमार झा: मुख्य अभियंता (रामगंगा), कानपुर।

शासन ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को उनके नए तैनाती स्थलों पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने और इसकी सूचना संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि भानु प्रताप सिंह के अनुभव से गोरखपुर और आसपास के जिलों की सिंचाई परियोजनाओं और बाढ़ बचाव कार्यों में गति आएगी।

स्थानीय स्तर पर उम्मीदें

पूर्वांचल के किसानों के लिए सिंचाई संसाधनों का कुशल प्रबंधन एक बड़ी आवश्यकता है। भानु प्रताप सिंह की नियुक्ति से तटबंधों के रखरखाव और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में नई योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की अपेक्षा की जा रही है। अब सभी की नजरें उनके द्वारा कार्यभार संभालने के बाद विभागीय प्राथमिकताओं और आगामी बाढ़ पूर्व तैयारियों के रोडमैप पर टिकी हुई हैं।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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