चौरीचौरा रेलवे फाटक की समस्या का समाधान
गोरखपुर जिले के चौरीचौरा क्षेत्र में निवासियों और मरीजों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। चौरीचौरा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित रेलवे क्रासिंग गेट संख्या 147-बी पर लंबे समय से प्रतीक्षित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और इस पर अब आवागमन भी शुरू कर दिया गया है। यह विकास कार्य क्षेत्र की यातायात संबंधी समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गंभीर मरीजों के लिए साबित होगा वरदान
स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं के दृष्टिकोण से यह ओवरब्रिज बेहद महत्वपूर्ण है। चौरीचौरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रोजाना कई गंभीर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें सड़क दुर्घटनाओं में घायल, हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोग और ब्रेन स्ट्रोक जैसे मामलों के मरीजों को अक्सर बीआरडी मेडिकल कॉलेज या एम्स, गोरखपुर जैसे उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ता है।
पहले, रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण एंबुलेंस को ट्रेन गुजरने का लंबा इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार गंभीर मरीजों की स्थिति को और अधिक नाजुक बना देता था। अब, ओवरब्रिज के संचालन से एंबुलेंस बिना किसी बाधा के तेजी से अस्पताल तक पहुंच सकेंगी, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों और स्कूली छात्रों को बड़ी राहत
इस ओवरब्रिज का लाभ केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक ही सीमित नहीं है। मुंडेरा बाजार क्षेत्र में स्थित बैंकों, विभिन्न स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जाने वाले लोगों को भी इस नई सुविधा से काफी राहत मिली है। पूर्व में, रेलवे गेट बंद होने के कारण स्कूली बच्चों, अभिभावकों और बैंक के काम से जाने वाले राहगीरों का काफी समय रेलवे फाटक पर ही नष्ट हो जाता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें ट्रेन गुजरने के लिए बार-बार घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सड़क यातायात के सुचारू होने से मुंडेरा बाजार और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के दैनिक कार्यों में तेजी आएगी और यातायात जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस सुविधा को लेकर स्थानीय निवासियों में काफी संतोष देखा जा रहा है।