18 दिन बाद भी नहीं सुधरी आमी पुल की स्थिति
गोरखपुर जिले के कौड़ीराम के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-29 (NH-29) पर स्थित आमी पुल की जर्जर हालत के चलते आम जनता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुल का एक हिस्सा काफी समय से क्षतिग्रस्त है, जिसके कारण पिछले 18 दिनों से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। पुल की एक लेन बंद होने की वजह से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में एक ही लेन से दोनों दिशाओं के वाहनों को गुजरना पड़ रहा है, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है, बल्कि भीषण हादसों का खतरा भी बना हुआ है।
टोल टैक्स वसूली के बीच सुरक्षा दांव पर
स्थानीय वाहन चालकों और राहगीरों का कहना है कि प्रशासन द्वारा टोल टैक्स की वसूली तो नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन उसी अनुपात में सड़क की सुरक्षा और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 28 सितंबर को दैनिक भास्कर में पुल की बदहाल स्थिति और बाहर निकली सरिया के कारण संभावित दुर्घटनाओं को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी। उस रिपोर्ट के बाद आनन-फानन में रूट डायवर्जन तो लागू कर दिया गया, लेकिन मरम्मत कार्य की सुस्त रफ्तार ने अधिकारियों की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है।
प्रशासन का रुख और वर्तमान स्थिति
मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए निवासियों का कहना है कि रात के समय एक ही लेन पर दोनों तरफ से तेज रफ्तार वाहनों का आना-जाना किसी बड़ी अनहोनी को न्यौता दे रहा है। वहां पर्याप्त चेतावनी संकेतक (Caution Signs) और सुरक्षा बैरिकेडिंग का भी घोर अभाव है। इस मामले पर एनएचएआई (NHAI) के परियोजना निदेशक अंकित ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और वे इसका जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, धरातल पर अब तक कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई है।
राहगीरों के लिए सलाह
यातायात पुलिस और संबंधित विभागों ने फिलहाल इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पुल के संकीर्ण हिस्से पर ओवरटेकिंग से बचने और गति सीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द मरम्मत पूरी करने की मांग कर रहे हैं ताकि टोल चुकाने वाले यात्रियों को सुगम और सुरक्षित सफर मिल सके।