मिशन शक्ति 6.0 के तहत अनूठी पहल
कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाने में शुक्रवार को एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब द क्रिसेन्ट स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा अंशिका सिंह को सांकेतिक रूप से एक दिन के लिए थानाध्यक्ष (एसओ) की जिम्मेदारी सौंपी गई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना और उन्हें पुलिसिंग की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।
थानेदार की कुर्सी से सुनीं फरियादियों की समस्याएं
थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठते ही अंशिका सिंह ने थाने पर आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली को करीब से देखा और यह समझा कि एक पुलिस अधिकारी किस प्रकार जनता की शिकायतों का निराकरण करता है। इस दौरान कप्तानगंज पुलिस की टीम ने उन्हें थाने के विभिन्न विभागों, जैसे महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क, और आईजीआरएस (IGRS) कार्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस व्यवस्था और महिला सुरक्षा की मिली जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को थाना परिसर के भ्रमण के दौरान हवालात, कंप्यूटर रूम और जनसुनवाई की व्यवस्था दिखाई। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि पुलिस का मुख्य कार्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। बौलिया गांव की रहने वाली अंशिका सिंह के पिता सुनील कुमार सिंह ने इस पहल की सराहना की और इसे अपनी बेटी के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला कदम बताया।
आत्मनिर्भर और जागरूक बनने का संदेश
इस कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित छात्राओं को यह प्रेरित किया गया कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहें। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की असुरक्षा या उत्पीड़न की स्थिति में छात्राओं को संकोच नहीं करना चाहिए और तत्काल पुलिस सहायता लेनी चाहिए। कुशीनगर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान छात्राओं को यह एहसास कराने के लिए है कि वे समाज में किसी भी जिम्मेदारी को संभालने और नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम हैं। इस प्रकार के आयोजन भविष्य में छात्राओं के मनोबल को ऊंचा उठाने में मददगार साबित होंगे।