मंदिर बचाओ संघर्ष समिति ने उपजिलाधिकारी हाटा को सौंपा ज्ञापन
कुशीनगर के हाटा तहसील अंतर्गत मथौली बाजार स्थित श्री ठाकुर पतित पावन श्री राम जानकी मंदिर की देवत्व संपत्ति और वहां खड़ी धान की फसल को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। फसल की अवैध कटाई और भूमि पर कब्जे की आशंका जताते हुए ‘मंदिर बचाओ संघर्ष समिति’ ने उपजिलाधिकारी मयंक त्रिपाठी से सुरक्षा की गुहार लगाई है। समिति ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि मंदिर की संपत्ति और धार्मिक मर्यादा सुरक्षित रहे।
प्रशासनिक निगरानी में फसल कटाई की मांग
समिति की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मथौली (बसहवां) स्थित मंदिर की गाटा संख्या 2513 की लगभग 1.6590 हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल तैयार खड़ी है। समिति का आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा फसल को जबरन काटने की धमकी दी जा रही है। इन आशंकाओं के बीच, समिति ने मांग की है कि धान की फसल की कटाई पूरी तरह से प्रशासन की निगरानी में कराई जाए और प्राप्त उपज को मंदिर परिसर में ही सुरक्षित रखा जाए।
संतों के सम्मान और व्यवस्था पर जोर
ज्ञापन में फसल की सुरक्षा के अलावा वहां निवास कर रहे संतों के सम्मान और उनके भरण-पोषण पर भी विशेष जोर दिया गया है। समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि मंदिर की उपज भगवान श्रीराम की सेवा, राजभोग और धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। समिति ने प्रशासन से आग्रह किया है कि कटाई के बाद मंदिर की व्यवस्था, संतों के वैध अधिकारों और आपसी सामंजस्य को ध्यान में रखते हुए उपज के उपयोग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे कोई विवाद न पनपे।
प्रशासनिक आश्वासन और वर्तमान स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी मयंक त्रिपाठी ने मंदिर बचाओ संघर्ष समिति का ज्ञापन स्वीकार किया है। उन्होंने समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि मामले का संज्ञान लेते हुए मंदिर की संपत्ति और फसल की सुरक्षा के लिए उचित प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर निगरानी तेज करने की मांग की जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रहे। स्थानीय निवासी और श्रद्धालु अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।