खेत में उतर कर ली धान की उपज की जानकारी
कुशीनगर जिले के हाटा तहसील क्षेत्र में कृषि उत्पादन के आंकड़ों की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल की गई। बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने हाटा नगरपालिका के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (पटनी) क्षेत्र में धान की फसल की ‘क्रॉप कटिंग’ प्रक्रिया का स्वयं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ खेत में पहुंचकर कटाई की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया।
एक डिसमिल में 37 किलो धान की उपज दर्ज
क्रॉप कटिंग की वैज्ञानिक पद्धति के तहत किए गए मापन में धान की वास्तविक पैदावार का सटीक आंकड़ा प्राप्त हुआ। निरीक्षण के दौरान, निर्धारित मानक के अनुसार एक डिसमिल खेत में धान की पैदावार 37 किलोग्राम दर्ज की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार संपन्न कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
क्रॉप कटिंग का महत्व और उद्देश्य
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्रॉप कटिंग एक अनिवार्य प्रक्रिया है जिसके माध्यम से फसल की वास्तविक उत्पादकता का आकलन किया जाता है। इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- सरकारी आंकड़ों में फसल उत्पादन के सटीक आंकड़े दर्ज करना।
- फसल बीमा योजनाओं के कार्यान्वयन में मदद करना।
- किसानों की आर्थिक स्थिति और कृषि उपज के आधार पर भविष्य की योजनाओं का निर्माण करना।
- सरकारी अभिलेखों में पारदर्शिता को बढ़ावा देना।
किसानों के बीच पहुंचा प्रशासन
इस निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने स्थानीय किसानों के साथ सीधा संवाद भी किया। उन्होंने किसानों की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौके पर मौजूद स्थानीय किसानों ने भी प्रशासनिक अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस कार्यक्रम में रत्नेश मणि, अनिल मणि सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से की गई इस जमीनी पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है, क्योंकि इससे कृषि संबंधी डेटा की विश्वसनीयता बढ़ती है और सरकारी लाभ का सीधा आधार तैयार होता है।