परिवहन सुरक्षा समितियों की लापरवाही पर प्रशासन सख्त
महाराजगंज जनपद में छात्र सुरक्षा के मामले में निजी विद्यालयों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, जनपद के अधिकांश स्कूलों द्वारा परिवहन सुरक्षा समितियों की मासिक कार्यवृत्ति (रिपोर्ट) जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में जमा नहीं की गई है। इस लचर रवैये को देखते हुए अब शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शासन के निर्देशों की अनदेखी
माध्यमिक स्कूलों के परिवहन नोडल शिक्षक अनमोल कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में ‘परिवहन सुरक्षा समिति’ का गठन किया गया था। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूली बसों में सुरक्षा मानकों का पूरा पालन हो। इनमें मुख्य रूप से वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, चालक का वैध लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम की कार्यक्षमता और महिला परिचालक की अनिवार्यता शामिल है।
महज 30 से 40 स्कूलों ने जमा की रिपोर्ट
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद में 278 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जहां निजी वाहनों के माध्यम से छात्र आवागमन करते हैं। चिंताजनक यह है कि अब तक मात्र 30 से 40 विद्यालयों ने ही सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट विभाग को सौंपी है। शेष विद्यालयों द्वारा इन निर्देशों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। परिवहन सुरक्षा के मानकों के साथ इस प्रकार का समझौता छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने रिपोर्ट न भेजने वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर ली है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों द्वारा जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाएगी, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बावजूद यदि विद्यालय प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहता है, तो परिवहन विभाग के सहयोग से उनके स्कूली वाहनों का संचालन रोकने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।