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महाराजगंज: जिला महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

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घटना का पूरा विवरण

महाराजगंज जिला मुख्यालय स्थित महिला अस्पताल में शनिवार को प्रसव के लिए भर्ती कराई गई एक गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मृतका की पहचान कोठीभार थाना क्षेत्र के दड़ौली गांव निवासी 28 वर्षीय चंदा देवी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण महिला को समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका, जिसके चलते उसकी और उसके गर्भस्थ शिशु की जान चली गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

पुलिस या प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज अजय वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। सदर कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि अभी तक मामले में कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मामले की वर्तमान स्थिति और डॉक्टरों का पक्ष

इस पूरे मामले पर जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर महिला की स्थिति बेहद नाजुक थी और उसे सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला की स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया था। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उपचार में कोई कोताही नहीं बरती गई थी। वर्तमान में पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा।

परिजनों का दर्द और स्थानीय लोगों में आक्रोश

परिजनों का कहना है कि महिला नौ महीने की गर्भवती थी और उसे प्रसव पीड़ा शुरू होने पर पहले सिसवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। वहां से उसे गंभीर स्थिति में जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल पहुंचने के बाद ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्परता नहीं दिखाई, जिसका परिणाम इस दुखद मृत्यु के रूप में सामने आया। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय निवासियों में काफी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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