मिशन शक्ति फेज-6 के तहत फरेंदा में जागरूकता कार्यक्रम
महाराजगंज जिले के फरेंदा थाना परिसर में सोमवार को ‘मिशन शक्ति अभियान फेज-6’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बहू-बेटियों के सशक्तीकरण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, ग्राम प्रधान, ग्राम चौकीदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा बहुओं ने हिस्सा लिया।
अधिकारियों ने महिला सुरक्षा और अधिकारों पर दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फरेंदा की क्षेत्राधिकारी (CO) दीपशिखा वर्मा ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने छेड़खानी, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का तत्काल उपयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई हेल्पलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो उनकी सहायता के लिए 24 घंटे तत्पर हैं।
साइबर अपराध से बचने की दी गई सलाह
क्षेत्राधिकारी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर भी महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आजकल ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को अज्ञात कॉल्स, अनजान लिंक्स और ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी के प्रति सावधानी बरतने का आह्वान किया।
जागरूकता ही अपराध से बचाव का साधन
थानाध्यक्ष फरेंदा, राघवेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि समाज में अपराधों को रोकने के लिए जन-जागरूकता सबसे शक्तिशाली हथियार है। उन्होंने जोर दिया कि यदि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और सतर्क रहती हैं, तो आपराधिक प्रवृत्तियों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने की अपील की।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर सुरक्षा और सशक्तीकरण के इस अभियान को सफल बनाने के लिए मिशन शक्ति प्रभारी उपनिरीक्षक राहुल प्रजापति, दीनबंधु प्रसाद, पूजा तिवारी और रीता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि वे अपने आसपास की अन्य महिलाओं को भी इन सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी प्रदान करें ताकि एक सुरक्षित माहौल बनाया जा सके।