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महराजगंज: परतावल सीएचसी में इलाज के लिए कतार में खड़ा मासूम बेहोश होकर गिरा

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परतावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आई लापरवाही

महराजगंज जिले के परतावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उपचार के लिए पहुंची स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाली एक घटना सामने आई है। अस्पताल में पर्ची काउंटर पर लंबी कतार में खड़े एक मासूम बच्चे के बेहोश होकर जमीन पर गिर जाने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना स्वास्थ्य केंद्र पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और प्रबंधन की अव्यवस्था को दर्शाती है, जिसके कारण घंटों तक मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पर्ची बनवाने के दौरान गिरी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चा अपने परिजनों के साथ स्वास्थ्य जांच के लिए परतावल सीएचसी पहुंचा था। अस्पताल में ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए लगी लंबी कतार में वह काफी समय से खड़ा था। इसी दौरान कतार में खड़ा बच्चा अचानक अस्वस्थ होकर बेहोश हो गया और वहीं जमीन पर गिर पड़ा। बच्चे को गिरता देख आसपास मौजूद अन्य मरीजों और परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आनन-फानन में उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की ओर रुख किया।

स्थानीय लोगों और परिजनों में आक्रोश

इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच भारी रोष पैदा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। आए दिन मरीजों को घंटों तक कतार में लगना पड़ता है, जिससे न केवल बीमार लोग बल्कि छोटे बच्चे भी अपनी सुध-बुध खो देते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सीएचसी प्रबंधन को मरीजों की सुविधा के लिए टोकन प्रणाली या अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि किसी भी मरीज को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासनिक स्थिति और स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी

फिलहाल, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस घटना से सबक लेते हुए सीएचसी परिसर में मरीजों के बैठने और पर्ची काउंटर पर लगने वाली भीड़ को प्रबंधित करने की आवश्यकता है। अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए घंटों तक संघर्ष न करना पड़े। परतावल क्षेत्र के ग्रामीण इस घटना को स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का बड़ा कारण मान रहे हैं और शीघ्र सुधार की मांग कर रहे हैं।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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