रसोइयों ने अपनी मांगों को लेकर किया कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
महराजगंज जिले में विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। ‘राष्ट्रीय मध्याह्न रसोइया फ्रंट’ के बैनर तले आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में रसोइयों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अपनी मांगों पर तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
काम से हटाए जाने पर जताई कड़ी नाराजगी
संगठन की जिलाध्यक्ष संध्या ने प्रदर्शन के दौरान रसोइयों की प्रमुख पीड़ा को साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को मनमाने ढंग से काम से हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र संख्या के आधार पर रसोइयों को बाहर निकालने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसके कारण उनके सामने रोजगार का भारी संकट खड़ा हो गया है। संध्या ने स्पष्ट रूप से मांग की कि इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
प्रमुख मांगें और भविष्य की रणनीति
प्रदर्शन के दौरान रसोइयों ने शासन के समक्ष अपनी तीन सूत्रीय मांगें प्रमुखता से रखीं:
- विद्यालयों से रसोइयों को काम से निकालने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- रसोइयों का मानदेय बढ़ाया जाए, जो वर्तमान में उनकी आजीविका के लिए पर्याप्त नहीं है।
- वर्ष के 12 महीनों का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाध्यक्ष संध्या ने यह भी आरोप लगाया कि समस्याओं के समाधान के बजाय रसोइयों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए रसोइयों ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया। धरने के दौरान गुड्डी देवी, गायत्री, सोना, कालिंदी, रीता, पाना, भानमती, दुर्गावती, दिनेश, कैलाश, राजेश और विमला सहित दर्जनों रसोइया मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल, इस मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।