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महाराजगंज रोडवेज: रैली में गई 30 बसें, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

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रैली में गई बसें, यात्रियों की बढ़ी मुसीबत

महराजगंज डिपो की 30 रोडवेज बसों को एक राजनीतिक रैली में भेजे जाने के कारण जिले के यात्रियों को अगले दो दिनों तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मंगलवार देर शाम इन बसों को गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर परिवहन सेवा प्रभावित हो गई है। दिवाली और छठ पूजा के मद्देनजर इन दिनों बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, ऐसे में बसों की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

महराजगंज डिपो पर अतिरिक्त दबाव

आमतौर पर महराजगंज डिपो से कुल 76 बसों का संचालन विभिन्न रूटों पर किया जाता है। इन 30 बसों के अचानक कम होने से अब महज 46 बसें ही संचालन के लिए उपलब्ध हैं। रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार, महराजगंज से लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, वाराणसी और प्रयागराज जैसे लॉन्ग रूट के साथ-साथ धानी, फरेंदा, नौतनवा, सिसवा, निचलौल और ठूठीबारी जैसे स्थानीय रूटों पर बसें चलती हैं। प्रतिदिन हजारों यात्री इन बसों पर निर्भर रहते हैं। त्योहारों के चलते पहले ही बसों में भारी भीड़ है और कई यात्री खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। अब बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने में और अधिक समय लगने की संभावना है।

दो दिन तक बनी रहेगी स्थिति

परिवहन निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासन स्तर से रैली के लिए बसों की मांग की गई थी, जिसके अनुपालन में महराजगंज डिपो से 30 बसें भेजी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये बसें रैली समाप्त होने के बाद दो दिन के भीतर वापस लौट आएंगी। तब तक शेष बची 46 बसों के जरिए ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने का प्रयास किया जाएगा।

यात्रियों के लिए सलाह

प्रशासन और परिवहन विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि आगामी दो दिनों तक बस सेवा में देरी या भीड़ की स्थिति बनी रह सकती है। त्यौहार के इस सीजन में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और सार्वजनिक परिवहन में संभावित देरी के लिए तैयार रहने का सुझाव दिया गया है। फिलहाल, यात्रियों की बढ़ती संख्या और बसों की सीमित संख्या के बीच डिपो प्रबंधन के लिए व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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