महराजगंज जिला अस्पताल में सांस संबंधी मरीजों की संख्या में वृद्धि
महराजगंज जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में हो रहे लगातार बदलाव और उमस के कारण लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सांस लेने में परेशानी से जूझ रहे मरीजों की संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पहले जहां ओपीडी में प्रतिदिन पांच से दस मरीज श्वसन संबंधी शिकायतों के साथ पहुंच रहे थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 20 से 25 प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
बुजुर्गों के लिए बढ़ा स्वास्थ्य जोखिम
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह की ओपीडी में रोजाना लगभग 80 से 90 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इनमें एक बड़ा हिस्सा, विशेषकर बुजुर्गों का है, जिन्हें सांस फूलने और अस्थमा जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का मानना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव और बढ़ती उमस इस स्थिति के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। अस्थमा के पुराने मरीजों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम अत्यधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, जिससे उन्हें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
चिकित्सकों ने दी एहतियात बरतने की सलाह
बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने आम जनता और विशेषकर बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। डॉ. पवन कुमार सिंह ने मरीजों को निम्नलिखित बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है:
- ठंडी चीजों के सेवन से पूरी तरह परहेज करें।
- सड़क किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- धूल और धुएं के संपर्क में आने से बचें।
- मौसम के अनुकूल पूरे बांह के कपड़े पहनें ताकि शरीर ढका रहे।
- अस्थमा के मरीज अपनी नियमित दवाएं समय पर लेना सुनिश्चित करें।
चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, सीने में दर्द या ऑक्सीजन का स्तर गिरता हुआ महसूस हो, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। मरीजों को सलाह दी गई है कि इस संवेदनशील मौसम में अपनी सेहत को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें।