बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज पूरी तरह ठप
महराजगंज जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक स्थित एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक और केनरा बैंक समेत तमाम प्रमुख बैंकों की शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे आम ग्राहकों, व्यापारियों और उद्यमियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लीड बैंक मैनेजर ने दी जानकारी
लीड बैंक मैनेजर भूपेंद्र नाथ मिश्रा ने पुष्टि की है कि जिले में बैंक हड़ताल के कारण बैंकिंग कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। उनके अनुसार, हड़ताल के चलते जिले में लगभग 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बैंक शाखाएं बंद रहने से नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरिंग और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य पूरी तरह से बाधित रहे। ग्राहकों को बैंक परिसर से निराश होकर वापस लौटना पड़ा, हालांकि एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली।
प्रमुख मांगें और यूनियन का पक्ष
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के क्षेत्रीय सचिव राजेश कुमार गुप्ता ने आंदोलन के कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से फाइव-डे बैंकिंग लागू करने की मांग कर रहे हैं। 12वें द्विपक्षीय समझौते के तहत फाइव-डे बैंकिंग और पीएलआई में भेदभाव खत्म करने जैसे मुद्दों पर सहमति बनने के बावजूद अब तक उनका क्रियान्वयन नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने जल्द ही इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
सोमवार को सामान्य होंगे कामकाज
हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को हुई असुविधा के बीच यह स्पष्ट है कि अब राहत के लिए प्रतीक्षा करनी होगी। शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण अब बैंक शाखाओं में कामकाज सीधे सोमवार को ही सुचारू रूप से शुरू हो सकेगा। व्यापारियों ने चिंता जताते हुए कहा है कि लगातार तीन दिनों तक बैंक बंद रहने से व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर रखी है और सोमवार को बैंकों में अतिरिक्त भीड़ होने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।