राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझे हजारों मामले
महराजगंज जिले में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष न्यायिक कार्यक्रम में कुल 58,290 वादों का निस्तारण कर न्याय प्रक्रिया को गति प्रदान की गई। जनपद न्यायाधीश अरविंद मलिक की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत का शुभारंभ सुबह 10 बजे दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद विभिन्न न्यायालयों में मामलों के समाधान की प्रक्रिया शुरू हुई।
मोटर दुर्घटना और बैंक ऋण के मामलों में बड़ी राहत
लोक अदालत के दौरान विवादों के सुलह-समझौते के माध्यम से पीड़ितों और ऋणधारकों को बड़ी राहत मिली। मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण ने 135 मामलों का निस्तारण करते हुए प्रभावित परिवारों को 7.71 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई। वहीं, बैंक ऋण वसूली से संबंधित 892 प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान किया गया। बैंकों ने न केवल 2.85 करोड़ रुपये की नकद वसूली की, बल्कि ऋणधारकों को 11.95 करोड़ रुपये की छूट देकर उनके आर्थिक बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विभिन्न न्यायालयों का योगदान और वर्तमान स्थिति
न्यायिक अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप विभिन्न अदालतों में पेंडिंग मामलों में भारी कमी आई है। परिवार न्यायालय में 57 वैवाहिक वादों का आपसी सहमति से समाधान किया गया, जिससे कई परिवारों को फिर से जुड़ने का अवसर मिला। इसके अतिरिक्त:
- राजस्व और चकबंदी न्यायालयों ने 53,874 लंबित वादों का निस्तारण किया।
- स्थायी लोक अदालत ने चार मामलों में 22 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की।
- फरेन्दा, नौतनवा और निचलौल स्थित ग्राम न्यायालयों में भी सैकड़ों मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
जिला न्यायाधीश अरविंद मलिक ने स्वयं 94 वादों को सुनकर उनका निस्तारण किया। लोक अदालत में कुल 17.88 करोड़ रुपये की समझौता राशि या अर्थदंड सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय वादकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस प्रक्रिया के माध्यम से अपने पुराने विवादों का अंत किया।